अजमेर(Ajmer News). महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिव पंचाक्षर स्तोत्र का पाठ भगवान शिव की उपासना का अत्यंत प्रभावशाली साधन है। ‘नमः शिवाय’ के पांच अक्षर शिव के पंचतत्व, पंचमुख और पंचक्रिया के प्रतीक हैं। यह स्तोत्र उनके नीलकण्ठ, त्रिलोचन, जटाधर और दिगम्बर स्वरूप का गुणगान करता है। श्रद्धा से किया गया पाठ आत्मशुद्धि, शांति और शिवलोक की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।
