देश में एकता, अखंडता और आपसी भाईचारे का प्रसार करने के उद्देश्य से जमाल सुजात शेख द्वारा महाराष्ट्र के जामखेड़ से बाघा बॉर्डर तक 2000 किलोमीटर की देश के नाम साइकिल यात्रा निकाली जा रही है। डॉ. सूफी राज जैन जी के मार्गदर्शन में आयोजित यह यात्रा विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्रों से गुजरते हुए “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को धरातल पर उतार रही है। सर्वधर्म ख्वाजा मंदिर के देखरेख में आयोजित यह यात्रा केवल शारीरिक दूरी तय करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह भारत की साझा संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत को जोड़ने की एक अनूठी कड़ी है। मंदिर के संस्थापक डॉ. सूफी राज जैन जी के मार्गदर्शन में जमाल सुजात शेख इस कठिन रास्ते पर प्रेम और करुणा का झंडा लेकर चल रहे हैं। यात्रा के मुख्य पड़ाव यह प्रेरणादायी सफर महाराष्ट्र से शुरू होकर शिरडी, अजमेर शरीफ, होशियारपुर स्थित सर्वधर्म ख्वाजा मंदिर, श्री हरिमंदिर साहिब (अमृतसर) और अंत में बाघा बॉर्डर तक जाएगा। इन पवित्र स्थलों का चयन ही इस बात का प्रमाण है कि यात्रा का मूल उद्देश्य सभी धर्मों के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति है। होशियारपुर में भव्य स्वागत और आशीर्वाद हाल ही में जब जमाल सुजात शेख सर्वधर्म ख्वाजा मंदिर, होशियारपुर पहुंचे, तो वहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान गुरु जी डॉ. सूफी राज जैन और गुरु मां सूफी दिव्या जी ने उन्हें अपना विशेष आशीर्वाद दिया। दुआओं का साथ गुरु मां सूफी दिव्या जी ने बीबी सैय्यदा सकीना के वासिते से जमाल शेख की सफलता और उत्तम स्वास्थ्य के लिए विशेष दुआ की। मंदिर परिवार और स्थानीय श्रद्धालुओं ने इस यात्रा की सराहना करते हुए इसे सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। अगली मंजिल: अमृतसर और बाघा बॉर्डर होशियारपुर से आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद अब जमाल शेख अपनी अगली मंजिल श्री हरिमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) की ओर अग्रसर हैं। यात्रा का समापन बाघा बॉर्डर पर होगा, जहां देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव के साथ इस ऐतिहासिक मिशन को विराम दिया जाएगा।
