हनुमानगढ़ में महानवमी के अवसर पर बुधवार को घर-घर कंजक पूजन किया गया। सुबह से ही लोग कन्याओं को भोज के लिए आमंत्रित करते दिखे, लेकिन कई क्षेत्रों में कन्याएं न मिलने के कारण लोगों को काफी इंतजार करना पड़ा। अखिल भारतीय अग्रवाल महिला संगठन की जिलाध्यक्ष सुनीता अग्रवाल ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नवरात्रि पर्व पर पूजन के लिए कंजक ढूंढना मुश्किल हो गया है। इसके पीछे समाज की संकीर्ण सोच के कारण होने वाली कन्या भ्रूण हत्या और बेटियों के प्रति समाज का रवैया जिम्मेदार है। अग्रवाल ने बताया कि एक ओर जहां नवरात्रि के नौ दिनों तक कन्याओं को माता का स्वरूप मानकर पूजा जाता है, वहीं दूसरी ओर वे आम समाज में कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। छोटी बच्चियों से लेकर किशोरियों और वयस्क महिलाओं तक को समाज में असुरक्षित माहौल का सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार ने बालिका सुरक्षा के लिए कई कानून बनाए हैं और प्रशासन भी सतर्क है। हालांकि, समाज को भी जागरूक होकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। बालिकाओं की सुरक्षा के प्रति सभी को जागरूक रहना चाहिए और किसी भी संदेहास्पद स्थिति में सतर्कता से निगरानी रखनी चाहिए। सुनीता अग्रवाल ने कहा कि समाज में बालिकाओं की कमी आई है और माता-पिता भय के माहौल में अपनी बेटियों को बाहर भेजने से कतराते हैं। उन्होंने सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने, महिला शिक्षा, आत्मनिर्भरता और कन्याओं को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया। अग्रवाल महिला संगठन स्कूलों और कॉलेजों में पुलिस व प्रशासन के सहयोग से जागरूकता शिविर आयोजित कर रहा है। उन्होंने माता रानी से प्रार्थना की कि वे समाज में सामाजिक बुराइयों के असुर रूपी दैत्यों का विनाश कर समाज में शांति और सद्भावना कायम हो।
