अमृतसर में नवरात्रि के पहले दिन शहर के मशहूर दुर्गियाना मंदिर के बाहर भागवत गीता के फटे हुए पन्ने मिलने से श्रद्धालुओं और हिंदू संगठनों में रोष फैल गया है। यह मामला बड़े हनुमान मंदिर दुर्गियाना कमेटी के वाइस चेयरमैन सोमदेव शर्मा ने उठाया। शर्मा ने बताया कि रोजाना की तरह पूजा-पाठ करने और माता भगवती के दर्शन करने जाते समय उन्हें मंदिर के बाहर गीता के कुछ फटे हुए पन्ने जमीन पर पड़े मिले। उनका दावा है कि पन्ने फूलों में लपेटकर बाहर से भेजे गए लगते हैं। यहां तक कि उन्होंने एक व्यक्ति के पैर के नीचे भी गीता का पन्ना देखा, जिसे उन्होंने स्वयं उठाया। पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप उन्होंने कहा कि मिले हुए पन्ने श्रीमद् भागवत गीता के चौथे अध्याय के थे, जिन पर ‘श्रीकृष्ण उवाच’ और ‘श्री अर्जुन उवाच’ जैसे शब्द स्पष्ट रूप से लिखे थे। शर्मा ने तुरंत दुर्गा चौकी पुलिस को इसकी जानकारी देकर लिखित शिकायत दी, लेकिन उनके अनुसार पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और सिर्फ इतना कहा कि “जो करना है कर लो।” सोमदेव शर्मा ने इसे धार्मिक बेअदबी बताते हुए चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वह इस मुद्दे को जनता के सामने उठाएंगे। पुलिस बोली- जांच कर रहे वहीं, पुलिस अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि मामला सीनियर अफसरों के ध्यान में है और जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा। फिलहाल, मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के बीच इस घटना को लेकर नाराजगी और चर्चा का माहौल बना हुआ है।
