सीकर के नीमकाथाना में शहरी सेवा शिविर की व्यवस्थाओं की पोल उस समय खुल गई, जब मंत्री संजय शर्मा बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण करने पहुंच गए। मंत्री जैसे ही नगरपालिका के हॉल में पहुंचे तो अंदर कोई फरियादी नहीं मिला। नगरपालिका एईएन मोबाइल चला रहे थे, एक बैंक कर्मचारी सेल्फी लेता मिला। एसडीएम-तहसीलदार शिविर में मौजूद नहीं थे। अव्यवस्थाओं को देखकर पहले तो मंत्री ने अधिकारियों-कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। बाद में कलेक्टर मुकुल शर्मा को शिविर में बुलाया और नोटिस देने और कार्रवाई करने को कहा। हॉल में शिविर लगाने पर फटकार लगाई दरअसल शिविर नगरपालिका सभागार में लगाया गया था। सुबह करीब 11.30 बजे मंत्री संजय शर्मा प्राइवेट वाहन से नीमकाथाना नगरपालिका पहुंचे। जैसे ही वे हॉल में पहुंचे तो नगरपालिका एईएन मामराज जाखड़ मोबाइल चलाते मिले। मंत्री ने एईएन से पूछा कि यहां कोई फरियादी क्यों नहीं है। जब तक एईएन कुछ जवाब दे पाते उससे पहले ही मंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी मेहरबानी क्यों की, आपने शिविर ही ऑफिस में रख दिया। यहां कौन-कौन से काउंटर है बताए, मैं (राउंड टेबल के) बीच मैं कैसे जाऊं। इसी दौरान मंत्री ने एईएन को कहा कि आप शिविर में मोबाइल चला रहे थे। एक्सईएन की जगह बैठे कर्मचारी से कहा, आप इनका चार्ज ले लो मंत्री ने फटकार लगाते हुए कहा कि आप लोग शिविर को ढंग से नहीं ले रहे क्या? पीएचईडी एक्सईएन की जगह बाबू बैठा हुआ है। बैंक का कर्मचारी मोबाइल पर सेल्फी ले रहा है। नीमकाथाना में क्या जेईएन शिविर प्रभारी रहेगा। एसडीएम-तहसीलदार कोई नहीं है यहां पर। बाद में पीएचईडी एक्सईएन आए तो मंत्री ने गुस्से में एक्सईएन की जगह बैठे कर्मचारी से कहा कि आप एक्सईएन का चार्ज ले लो। मंत्री के आने की सूचना के बाद पहुंचे अतिरिक्त जिला कलेक्टर भागीरथ शाख को भी फटकार लगाते हुए कहा कि बाबुओं के सहारे शिविर नहीं चल सकते। बाद में सीकर जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा को शिविर में बुलाया गया और शिविर में व्यवस्थाओं को सुधार करने को लेकर निर्देश दिए गए। कलेक्टर को नोटिस जारी करने के लिए कहा-मंत्री मंत्री संजय शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा- आज सेवा शिविर का औचक निरीक्षण करने नीमकाथाना आया था। शिविर में कुछ कमियां देखने को मिली, जिसको लेकर जिला कलेक्टर को कहा गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय में भी निवेदन किया है। कुछ अधिकारी जो शिविर में रहने चाहिए थे और नदारद है, कुछ अधिकारियों ने अपनी जगह छोटे कर्मचारियों को बैठा रखा था। इसको लेकर कलेक्टर को नोटिस जारी करने के लिए कहा है। मंत्री ने कहा-इसको लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय पर भी रिपोर्ट करूंगा। शिविर में आकर मुझे दुख भी हुआ कि जिस मकसद से शिविर का आयोजन किया जा रहा था, वह कहीं ना कहीं असफल साबित हो रहा है। जो भी कमियां उन्हें दिखाई दी उसको लेकर कलेक्टर से भी आग्रह किया है।