नमस्कार केंद्रीय मंत्रीजी AI से बनी अपनी ही ‘छवि’ चमकाने में लगे हैं। मैसेज भी दे रहे हैं कि- ‘नैनो बनाना’ का सही इस्तेमाल कैसे करें? एक पत्रकार ने पाकिस्तान से रिश्तों को लेकर सवाल किया तो मंत्रीजी ने फिर वही किया-लगे अपनी छवि चमकाने में। उधर, भर्ती परीक्षा देकर घर लौटने वालों को बस अड्‌डों पर अग्निपरीक्षा देनी पड़ी। एक लेडी IPS को मंत्रीजी के सामने ही खरी-खरी सुननी पड़ गई। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी सुनिए… 1. AI ट्रेंड के बहाने मंत्रीजी का मैसेज
AI का जमाना है साहब। बिहार चुनाव के दंगल में AI के जरिए क्रिएटिविटी की खूब टांग तोड़ी गई। सपने में मां भी आई और आलू से सोना भी बना। इधर, केंद्रीय संस्कृति मंत्री ने नैनो बनाना की बहती गंगा में हाथ धो लिए। अपना AI वीडियो बनाकर अपनी ही छवि को पॉलिश करते दिख रहे हैं। मैसेज भी दिया कि टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल करें। जोधपुर में AI के जरिए प्राचीन पांडुलिपियों के रख-रखाव पर बोल रहे थे। इस दौरान पत्रकार ने पाकिस्तान से रिश्तों की बात छेड़ दी। सवाल कर दिया- एक तरफ तो पाकिस्तान से रिश्ते खत्म करने की बात होती है और दूसरी तरफ मैच भी होता है। इस पर मंत्रीजी ने रंगाई-पुताई करते हुए जवाब दिया- भैया पॉलिसी अपनी जगह है और प्रोटोकॉल अपनी जगह। खैर, कोई कितना ही हो-हल्ला मचाए…हमने पड़ोसी को दोनों मोर्चों पर खूब धोया। 2. नौकरी मिलना आसान, सीट मिलना मुश्किल ये सफर नहीं आसां, बस इतना समझ लीजे..एक आग का दरिया है, और खिड़की से जाना है। राजस्थान में भर्ती का मौसम चला। पुलिस में भर्ती के लिए अभ्यर्थियों ने पूरा जोर लगाया। बाकी बचा जोर एग्जाम हो जाने के बाद बस अड्‌डों पर काम आया। सीट पाने की ललक किसे नहीं होती। क्या नेता, क्या आम आदमी और क्या अभ्यर्थी। बस और ट्रेन में सीट पाने के लिए अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ा। भीड़ ज्यादा थी…अभ्यर्थियों को पता था कि बस का दरवाजा तो अपनी साइज बढ़ाने से रहा….खिड़कियों से अंदर घुसना पड़ेगा। वैसे भी- बस में एंट्री का कोई नियम तो था नहीं। न चुन्नी उतारनी थी और न कलावा काटना था। एक पुलिसकर्मी ने खिड़की से घुसते कैंडिडेट का जूता पकड़ लिया। लेकिन सेंटर थोड़ी था, बस थी। जूता छोड़ना पड़ा। बस पर मधुमक्खियों की तरह अभ्यर्थी टूटे। जिसे जहां से जगह मिली वहीं से घुसा। सीट हासिल होने के बाद अभ्यर्थियों को लगा कि बस, फाइनल एग्जाम यहीं पास हो गया। 3. मंत्रीजी के सामने SP साहिबा को सुना दी खरी-खरी
खाकी बदरंग हुए जा रही है। नागौर में महिला को पीटने के बाद अधिकारी भी दबे-दबे से हैं। इधर नए जिले डीडवाना-कुचामन के कुचामन सिटी में पुलिस खूब निशाने पर आई। यहां एक नाबालिग लड़की के किडनैप होने का मामला आया। सारा समाज सड़क पर उतरा। थाने के सामने घंटों धरना चला। धरने में नागौर देहात के ओबीसी मोर्चा के भाजपा जिलाध्यक्ष राजाराम प्रजापति ने माइक संभाला हुआ था। SP ऋचा तोमर सामने बैठी हुई थीं। पास में राज्यमंत्री विजय सिंह चौधरी बैठे थे। राजारामजी ने जमकर भड़ास निकाल दी। एसपी साहिबा को खूब खरी-खोटी सुनाई। कहा कि हम भी संगठन में हैं। हमारी बात क्यों नहीं सुनती हैं। हालांकि एक चतुर कार्यकर्ता ने मंत्रीजी का बचाव कर लिया। माइक पर ही जनता से पूछ लिया-बताओ मंत्रीजी की इसमें कोई गलती है? आवाज आई-नहीं भाई नहीं। 4. चलते-चलते…
पुराने लोग एक कहावत कहते हैं- साधु भीख न मांगिए, जो मांगे सो भांड। मतलब साधु के वेष में भीख नहीं मांगनी चाहिए। अगर कोई ऐसा कह रहा है वह साधु नहीं बहरूपिया है। डीग के एक साधु ने यह कहावत नहीं सुनी थी। वह मोरपंख लेकर बाजार में निकला और हर किसी के मुंह पर मोरपंख मारकर रकम की मांग करने लगा। सामान खरीदती एक महिला के मुंह पर भी उसने मोरपंखिया झाड़ू मार दी। महिला बिफर गई। साधु को दो बात सुना दी। साधु के लिए दूसरी कहावत है कि उसे मुंहजोरी नहीं करनी चाहिए। साधु ने दूसरी कहावत भी नहीं सुनी थी। वह महिला से मुंहजोरी करने लगा। फिर क्या था। आव-ताव देखे बिना महिला ने दे दनादन शुरू कर दिया। कुछ लोग घिर आए। गमछा डाले एक युवक को महिला के तर्क में दम लगा। उसने भी साधु को कूटा और भाग जाने को कहा। तीसरी कहावत ये कि साधु को हर हाल में सम रहना चाहिए। लेकिन…। साधु ने धमकी दी- सबको देख लूंगा। वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…