उदयपुर में मंत्री झाबर सिंह खर्रा के सामने काले झंडे लेकर पहुंचे यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता को भाजपाइयों ने पीट दिया। मामला बिगड़ता देख पुलिस ने यूथ कांग्रेस के युवाओं को अपनी कस्टडी में ले लिया। दरअसल, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा सोमवार रात करीब 8 बजे शहर के भुवाणा चौराहा से प्रताप नगर चौराहा तक डेकोरेटिव पोल और स्ट्रीट लाइट का लोकार्पण करने आए थे। इसी दौरान विवाद हो गया। 4 फोटोज में देखिए घटनाक्रम… पुलिस के सामने हुई मारपीट लोकार्पण के बाद जब मंत्री खर्रा अपनी गाड़ी की तरफ जा रहे थे। इस बीच सामने से यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अरमान जैन पहुंचे। अरमान ने कहा- मंत्री जी मुझे आपसे बात करनी है। ये ठीक नहीं कर रहे हैं। अरमान के हाथ में काले झंडे थे। यह देख भाजपा कार्यकर्ताओं ने तत्काल अरमान जैन के हाथ से काला झंडा छीन लिया। अरमान को मंत्री खर्रा से दूर करते हुए हाथापाई शुरू कर दी। इसी दौरान वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने अरमान जैन को छुड़ाया। इसके बाद में यूथ कांग्रेस के नेता और दो कार्यकर्ताओं ने मंत्री खर्रा मुर्दाबाद के नारे लगाए। इस पर पुलिस ने अरमान और दो अन्य युवाओं को पकड़ कर गाड़ी में बैठा लिया। मंत्री बोले अनावश्यक हुल्लड़ हम बर्दाश्त नहीं करते झाबर सिंह खर्रा ने कहा- हम तो गांव में पैदा हुए हैं। हमने बहुत कालिख देखी है। हमको काले झंडे का कोई असर नहीं होता है। हां कोई शा​लीनता से सकारात्मक तरीके से बात हमारे तक पहुंचाता है, उसको सुनते और शत प्रतिशत समाधान करते हैं। कोई अनावश्यक हुल्लड़ करके हम पर किसी प्रकार का दबाव बनाना चाहे तो हम न आज बर्दाश्त करते हैं। न पहले करते और न आगे करेंगे। इस दौरान राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा सहित यूडीए के कई अधिकारी मौजूद थे। अरमान जैन बोले हमारे साथ हाथापाई की यूथ कांग्रेस में राष्ट्रीय सचिव अरमान जैन ने कहा- जिन अधिकारियों से गलती हुई है। उन पर कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन इन लोगों ने हमारी बात सुनने की बजाय हमारे साथ हाथापाई की है। शहीदों का अपमान किया है। इसका नामकरण शहीद अभिनव नागौरी पर करने की बात करने आए थे। जिलाध्यक्ष बोले – शालीनता से बात रखते भाजपा शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने कहा- अच्छा कार्यक्रम हो रहा था। मंत्री तक कई अन्य लोगों ने भी अपनी बात रखी और ज्ञापन दिए। इस तरह से कोई आकर माहौल खराब करके कार्यक्रम खराब करता है, यह ठीक नहीं है। अपनी बात रखने के लिए शालीनता से बात की जा सकती थी। राठौड़ ने पुलिस की टीम को भी कहा कि लोग काले झंडे लेकर आ गए और पुलिस को भनक तक नहीं लगी।