नमस्कार, अजमेर के एक बच्चे की मासूमियत से प्रभावित होकर भाटीजी ने वीडियो कॉल कर दिया। जयपुर की एक यूनिवर्सिटी की छात्रा ने मंच से पंच मार दिया। बीकानेर में शिलान्यास पट्‌टी की हालत देख लोगों ने कमेंट कर दिए तो जयपुर के नरेना में युवक ने Y+ सिक्योरिटी की मांग कर दी। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. भाटीजी बच्चे की मासूमियत पर फिदा एक फिल्मी संवाद है- इतनी शिद्दत से तुम्हें पाने की कोशिश की है कि हर जर्रे ने तुमसे मिलाने की साजिश की है। अजमेर में बच्चे ने खेल-खेल में टिफिन में पूल बनाया और उसका उद्घाटन कराने के लिए भाटीजी को फोन करने का ड्रामा किया। बच्चे ने इतनी शिद्दत और मासूमियत से यह सब किया कि सोशल मीडिया पर वीडियो काफी शेयर हो गया। वीडियो बाड़मेर के शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी तक भी पहुंच गया। बच्चे की भावना ने भाटीजी के दिल को छू लिया। उन्होंने बच्चे का पता लगाया और फिर वीडियो कॉल पर बात की। विधायक ने पूछा- तो स्विमिंग पूल तैयार हो गया? बच्चे ने कहा- हां। भाटीजी बोले- तो बताओ कब आऊं उद्घाटन करने? 2. अंजाम-ए-सड़क क्या होगा? हाल ही बीकानेर से एक वीडियो आया जिसमें बीकानेर पश्चिम से विधायक जेठानंद व्यास लोगों के बीच बैठकर गीत गा रहे हैं। गीत हिंदुओं को जागृत करने का आह्वान है। जेठानंदजी गा रहे हैं- ओ हिंदू अब तो जाग, कंठों में लागी फांसी। कंठों में लागी फांसी, तेरी लोग उड़ाएं हांसी। गीत बहुत बढ़िया है। जेठानंदजी के कंठ पर सरस्वती की कृपा भी है। लेकिन किसी जागृत नागरिक ने एक शिलान्यास पट्‌टी देख ली। चार महीने पहले यह पट्‌टी सड़क की निर्माण स्वीकृति होने पर विधायकजी के करकमलों से लगाई गई थी। जिस स्मारक पर पट्‌टी लगी हुई थी उसकी हालत बेहद जर्जर। पट्‌टी का फोटो सोशल मीडिया पर डालकर जागरूक नागरिक ने लिखा- लगता है घटिया सामग्री इस्तेमाल की गई है। चर्चा यह भी है कि सड़क की आधारशिला ऐसी है तो अंजाम-ए-सड़क क्या होगा? 3. युवक ने मांगी Y+ सुरक्षा रील का चक्कर बहुत बुरा। यह भी किसी लत से कम नहीं। जयपुर के नरेना में रील बनाने का शौकीन युवक एक बैंक में घुस गया और कैशियर की तारीफ करते हुए रील बना दी। चूंकि कैशियर एक मैडम थी इसलिए बैंक के सुरक्षा गार्डों ने युवक के साथ धक्का-मुक्की कर दी। बैंककर्मियों के व्यवहार को पूरे गांव की समस्या बनाकर युवक नरेना थाने के सामने धरने पर बैठ गया। पुलिस पर तरह-तरह के आरोप जड़ने लगा। कुछ और लोग इकट्‌ठे हो गए और अपनी-अपनी समस्याएं गिनवाते हुए धरने में शामिल हो गए। युवक का जोश बढ़ गया। उसने ऐलान कर दिया कि पुलिस की दादागिरी नहीं चलेगी। इसी युवक ने रात में थाने के बाहर खूब हंगामा और शोर-शराबा भी किया। फिर कार्रवाई का डर सताने लगा तो सरकार से Y+ सुरक्षा की मांग करते हुए रील बना दी। यह भी कहा- मैं तो गरीब आदमी हूं, मुझे सुरक्षा दी जाए तो उसका खर्चा भी सरकार ही उठाए। 4. चलते-चलते… संपादकों को लगभग आगाह करते हुए एक क्रांतिकारी बुजुर्ग बोले- सावधान संपादकों। पत्रकारिता के क्षेत्र में जेन-Z क्रांति आने वाली है। तेज-तर्रार नई खेप विश्वविद्यालयों से डिग्री लेकर निकल चुकी है। इन क्रांतिकारियों में वर्सेटिलिटी है। ये जर्नेलिज्म में नहीं खपेंगे तो राजनीति में खप जाएंगे। वहां भी नहीं चले तो इंस्टाग्राम इन्फ्लूएंसर बन जाएंगे। अवसर इनकी ठोकर पर होंगे। इनकी योग्यता यह है कि ये निडरता और अभद्रता को एक चश्मे से देखते हैं। इन्हें भले नागरिक के कर्तव्यों की सूचना न मिली हो, लेकिन अधिकार ये छीनकर लेना जानते हैं। यह खेप किसी का भी घेराव कर सकती है। किसी की भी गाड़ी के आगे लेट सकती है और किसी भी मंच से पंच मार सकती है। शाबाश नौजवानों। मंच पर चढ़ो। डिग्रियां छीनकर ले लो और दुनिया को बता दो कि तुम्हारे शब्दों की मारक क्षमता का जवाब किसी के पास नहीं है। इनपुट सहयोग- स्मित पालीवाल (जयपुर), अनुराग हर्ष (बीकानेर), विजय कुमार (बाड़मेर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी..