बीकानेर के लूणकरणसर में लिफ्ट नहर में बुधवार को नहर में गिरी भेड़ को बचाने के प्रयास में दो सगे भाई पानी में बह गए। इनमें से एक युवक की डूबने से मौत हो गई, जबकि दूसरे को ग्रामीणों की मदद से बचा लिया गया। हादसा उदेसिया के पास कंवरसेन लिफ्ट नहर में आज सुबह करीब 11 बजे हुआ। जानकारी के अनुसार, खिलेरिया निवासी भेड़ पालक पंजाब से भेड़ों का झुंड लेकर लौटे थे। नहर किनारे भेड़ों को पानी पिलाने के दौरान एक भेड़ अचानक नहर में गिर गई। उसे बचाने के लिए डूंगरराम(26) पुत्र आसाराम खिलेरी नहर में कूद गया। पानी के तेज बहाव में वह खुद डूबने लगा तो उसे बचाने के लिए उसका भाई दौलतराम पुत्र आसाराम खिलेरी भी नहर में उतर गया। दोनों भाइयों को संघर्ष करते देख उनके साथी भादरराम पुत्र फुसाराम खिलेरी ने भी नहर में छलांग लगा दी, लेकिन वह उन्हें बाहर नहीं निकाल सका। खुद भी डूबने की स्थिति बनने पर वह किसी तरह किनारे पहुंच गया। इसी दौरान खेत से बाइक पर गुजर रहे उदेसिया निवासी मनीराम को घटना की जानकारी मिली। उन्होंने बिना समय गंवाए नहर में छलांग लगाई और दौलतराम को बेहोशी की हालत में बाहर निकाल लिया। ग्रामीणों ने तत्काल उसे इलाज के लिए भिजवाया। मंदिर के भोपू से करवाया एनाउंसमेंट, पहुंचे गोताखोर
मनीराम को बताया गया कि नहर में एक और युवक फंसा हुआ है। उन्होंने उसे तलाशने का प्रयास किया, लेकिन डूबा युवक नहीं मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। इस बीच ग्रामीणों ने उदेसिया मंदिर के भोपू(स्पीकर) पर घोषणा करवाई, इसके बाद स्थानीय गोताखोर घटनास्थल पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने डूंगरराम को नहर से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस शव को अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डूंगरराम की मौत के बाद खिलेरिया गांव में शोक की लहर फैल गई। वहीं दौलतराम का इलाज चल रहा है।
