कपूरथला में भुलत्थ के विधायक सुखपाल खैहरा ने भुलत्थ पुलिस की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने नगर पंचायत नडाला के उपाध्यक्ष डॉ. संदीप पसरीचा को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 326 के तहत एक मनगढ़ंत आपराधिक मामले में फंसाया है। खैहरा ने कहा कि पुलिस ने निर्वाचित प्रतिनिधि को हथकड़ी लगाकर गिरफ्तार किया। उनका दावा है कि यह कार्रवाई उन्हें डरा-धमकाकर नडाला के भू-माफिया के सामने झुकाने के लिए की गई, जो जबरन जमीन खाली कराने की कोशिश कर रहे हैं। विधायक के अनुसार, यह पुलिस कार्रवाई दलेर सिंह के नेतृत्व वाले नडाला भू-माफिया के इशारे पर हुई है। उन्होंने इसे न्याय का मज़ाक और लोकतंत्र की हत्या बताया। गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया खैहरा ने आगे कहा कि डॉ. संदीप को 27 सितंबर की शाम को हुई एक ऐसी लड़ाई के लिए गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया, जो वास्तव में हुई ही नहीं थी। उनके मुताबिक, डॉ. संदीप कथित हिंसक घटना के समय घटनास्थल पर मौजूद भी नहीं थे। उन्होंने पंजाब के डीजीपी और कपूरथला के एसएसपी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। खैहरा ने मांग की कि एक निर्दोष निर्वाचित प्रतिनिधि को न्याय दिलाया जाए। विधायक ने तर्क दिया कि डॉ. संदीप नडाला के गरीब निवासियों की 40 साल से कब्जे वाली संपत्ति की रक्षा कर रहे थे और इसी कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। खैहरा ने नडाला के निवासियों और दुकानदारों के साथ एकजुटता व्यक्त की, जिन्होंने इस अन्याय के विरोध में अपनी दुकानें बंद कर रखी हैं। बिना शर्त रिहाई की मांग उन्होंने नगर पंचायत नडाला के उपाध्यक्ष डॉ. संदीप पसरीचा की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की। साथ ही, निर्दोष लोगों के खिलाफ झूठा आपराधिक मामला दर्ज करने वाले सुभानपुर के पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की।
