ढाणी से स्कूल 5 किलोमीटर दूर था। मैं हर रोज स्कूल पैदल जाया करती थी। एक दिन जब मैं बारिश में भीगते हुए स्कूल पहुंची तो स्कूल मैनेजमेंट ने मेरी स्कूल बस फ्री कर दी। ये कहना है सीकर जिले में श्रीमाधोपुर के पास स्थित ढाणी चौधरियों वाली की आर्या चौधरी का। आर्या को 10वीं में 98.33% नंबर मिले हैं। बेटी की सफलता के बाद पिता शंकरलाल चौधरी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। मां श्रवणी देवी का कहना है कि बेटी आगे भी जीवन में अपने सपने पूरे कर सके। मां को तीन साल पहले आया हार्ट अटैक
आर्या ने बताया-मेरे पिता शंकरलाल एक साधारण किसान हैं। वहीं मेरी मां श्रवणी देवी घर संभालती हैं। मां को तीन साल पहले हार्ट अटैक आया। जिससे शरीर के एक हिस्से में लकवा मार गया। हम पांच भाई-बहन हैं। जिसमें दो बहनों की शादी हो चुकी है। एक बड़ी बहन मनोज कुमारी एसएससी सीजीएल की तैयारी कर रही है। वहीं मैंने अभी 10वीं पास की है। वहीं छोटा भाई जयेश चौथी क्लास में पढाई कर रहा है। हर रोज 5 किलोमीटर दूर पैदल स्कूल जाती थी
आर्या ने कहा- हमारी ढाणी या उसके पास में कोई बड़ा स्कूल नहीं है। ऐसे में हमें 5 किलोमीटर दूर पढ़ाई के लिए श्रीमाधोपुर जाना पड़ता था। मेरे पिता की आय इतनी नहीं है कि वह मेरे और मेरे भाई की स्कूल बस का किराया दे सकें। ऐसे में मैं पैदल ही स्कूल जाया करती थी। जब 10वीं क्लास में आई तो पिताजी ने एक साइकिल लाकर दी। जिससे स्कूल आने जाने में परेशानी ना हो। एक दिन जब मैं बारिश में भीगते हुए स्कूल पहुंची तो स्कूल के डायरेक्टर अनिल बाटड़ ने मुझसे बारिश में आने की वजह पूछी। इस पर मैने बताया कि मेरा पिता दोनों की स्कूल बस फीस को वहन नहीं कर सकते। इसके बाद उन्होंने मेरी स्कूल बस को फ्री कर दिया। आईएएस बनने का सपना
आर्य का कहना है कि वह बड़े होकर आईएएस बनना चाहती है। वह हर रोज टाइम टेबल बनाकर 4 से 5 घंटे पढ़ाई करती थी। आठवीं बोर्ड में भी उसने 97.6% अंक हासिल किए थे। स्कूल प्रबंधन बोला-अपनी ढाणी के साथ क्षेत्र का नाम रोशन किया
आर्या के स्कूल के डायरेक्टर अनिल बाटड़ ने बताया-बालिका शुरु से पढ़ने में होशियार है। स्कूल में होने वाले हर टेस्ट में अव्वल आती थी। स्कूली स्तर पर भी उसने कई मेडल जीत रखे हैं। बालिका ने अपनी ढाणी के साथ-साथ पूरे श्रीमाधोपुर का नाम रोशन किया है। … यह खबर भी पढ़े पिता के साथ वेल्डिंग का काम किया,किताबों से की दोस्ती:10वीं में 98.50 प्रतिशत अंक लाकर चमका तुषार, प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना कृष्णा ने बचपन में पिता, कोरोना में मां को खोया:मामा ने पाला, अब 10वीं में लेकर आई 95.67 प्रतिशत अंक, IAS बनने का सपना पुलिस के डर से पढ़ाई डिस्टर्ब हुई,फिर भी 99% लाई:एग्जाम के बीच में पापा का साथ छूटा, नहीं हारी हिम्मत; 10वीं टॉपर्स की चौंकाने वाली कहानियां