SIR को लेकर लापरवाही बरतने वाले BLO को कलेक्टर ने सस्पेंड कर दिया है। BLO पेरेंटिंग मैपिंग में ढिलाई बरत रहा था और बीच बीच में मैपिंग छोड़ रहा था। शिकायत मिलने पर भरतपुर कलेक्टर कमर चौधरी ने संज्ञान लेते हुए रविवार को BLO शुभम परमार को सस्पेंड कर दिया। अब BLO शुभम परमार का मुख्यालय कार्यालय उपखंड अधिकारी वैर दिया गया है। कलेक्टर ने आदेश दिए कि निर्वाचन संबंधी काम में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्वाचन के काम में की थी लापरवाही कलेक्टर कमर चौधरी ने बताया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत मैपिंग ऑफ इलेक्टर्स-2025 पूर्ववर्ती विशेष गहन पुनरीक्षण-2022 किया जा रहा था। मतदाता सूची में BLO शुभम परमार द्वारा लापरवाही बरती गई थी। परमार के द्वारा प्रोजनी मैपिंग से संबंधित कामों उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की थी। वोटर मैपिंग में एसआईआर वाले 12 राज्यों में राजस्थान सबसे आगे बता दें किSIR वाले राज्यों में मैपिंग में राजस्थान सबसे आगे है। राजस्थान मेंस इलेक्शन कमिशन ऑफ इंडिया (ईसीआई) नेट पर कुल मैपिंग 49.37 प्रतिशत हो चुकी है। ​ गुजरात में 5.73 प्रतिशत, यूपी में 13.41 प्रतिशत, एमपी में 20.09 प्रतिशत, तमिलनाडु में 21.62 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ में 24.27 प्रतिशत वोटर्स की ही मैपिंग हुई है। एक घर पर तीन बार जाएंगे बीएलओ, इसके बाद नहीं मिलने नोटिस चस्पा होगा बीएलओ घर-घर जाकर गणना फॉर्म (EF) भरेगा। हर वोटर को यह फॉर्म दिया जाएगा। कोई परिवार मान लीजिए बाहर गया हुआ है तो सामान्यतया वह एक महीने में वापस लौट आता है। बीएलओ हर घर पर जाकर तीन बार फॉर्म भरवाने का प्रयास करेगा। फिर भी कोई घर पर नहीं मिलते हैं तो बीएलओ फॉर्म घर पर डालकर नोटिस चस्पा करेगा। एक महीने में तीन बार बीएलओ जाएंगे। 9 सवाल में समझें, SIR कब होगा, कैसे होगा, वोटर को क्या करना होगा?…. 1. SIR क्या है? 2. राजस्थान में कब होगा? 3. मतदाता सूची का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन क्यों किया जा रहा है?
चुनाव आयोग अब तक आठ बार एसआईआर करवा चुका है। पिछली बार 2003-04 में एसआईआर हुआ था। औसतन 22 साल में एक बार वोटर लिस्ट का एसआईआर किया जाता है। एसआईआर में वोटर लिस्ट में शामिल हर व्यक्ति की गहनता से जांच की जाती है, कोई गलत व्यक्ति तो वोटर नहीं हे। एक से ज्यादा जगह नाम तो नहीं है। 2003-04 की लिस्ट से मिलान किया जाएगा कि आपके परिवार के लोग उस वक्त कहां थे। जिनके नाम नहीं होंगे, मिलान नहीं होंगे, उन्हें नोटिस देकर दस्तावेज मांगे जाएंगे। राजस्थान में एसआईआर के लिए 12 दस्तावेज ही मान्य होंगे। 4. वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने या बरकरार रखने को किस उम्र के लोगों को कौनसा प्रमाण देना होगा? 5. दस्तावेज का मिलान कब होगा?
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा-पहले फेज में कोई दस्तावेज नहीं देने होंगे। पहले फेज में बीएलओ घर-घर जाकर फॉर्म बांटेंगे, फिर मिलान होगा। जिनके दस्तावेज का मिलान नहीं होगा, उनसे तय 12 डॉक्यूमेंट मांगे जाएंगे। 6. फॉर्म भरने के बाद बीएलओ कब डॉक्यूमेंट मांगेगा?
बीएलओ की ओर से फॉर्म भरने के बाद 2003 की वोटर लिस्ट से मिलान किया जाएगा। मिलान नहीं होगा तो आपसे डॉक्यूमेंट मांगे जाएंगे। नहीं देने पर वोटर लिस्ट से नाम हटा दिया जाएगा। 7. SIR कौन करेगा? 8. कौनसे दस्तावेज मान्य होंगे? 9. SIR प्रक्रिया से जुड़े अफसर-कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगी
अब फरवरी तक कलेक्टर, एसडीएम, एडीएम, तहसीलदार और बीएलओ के तबादलों पर रोक लग गई है। SIR प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारी-अफसरों के सामान्य तबादलों पर रोक रहेगी। विशेष हालात में तबादला करना जरूरी होने पर चुनाव आयोग से पहले मंजूरी लेनी होगी। 52 हजार 469 बीएलए करेंगे 5.48 लाख वोटर्स की जांच
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया- प्रदेश में 2025 की मौजूदा वोटर लिस्ट के अनुसार 5 करोड़ 48 लाख 84 हजार 827 वोटर हैं। 52 हजार 469 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) फॉर्म भरवाकर इन वोटर्स की जांच करेंगे। 40 साल से ज्यादा उम्र के 2.61 करोड़ वोटर हैं, जिसमें से 77 प्रतिशत की मैपिंग की जा चुकी है। वहीं 2.88 करोड़ वोटर 40 साल से कम आयु के है, इनकी मैपिंग का काम जारी है। मौजूदा वोटर्स की पिछली SIR के साथ मैपिंग जारी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया- सभी राज्यों की वोटर लिस्ट पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है। https://voters.eci.gov.in/ पर वोटर लिस्ट उपलब्ध है। यह लिंक मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया गया है। पिछली SIR की वोटर लिस्ट में अगर किसी मौजूदा वोटर के माता-पिता, दादा-दादी आदि का नाम शामिल है तो सटीक और सत्यापित पारिवारिक संबंध के माध्यम से वंशावली मानचित्रण (मैपिंग) की जा रही है। जिससे अधिकांश मतदाताओं से किसी भी प्रकार के दस्तावेज लेने की आवश्यकता ही नहीं रहेगी।