राजस्थान पेंशनर समाज की जिला शाखा ब्यावर ने आगामी 25 मार्च 2026 को ‘काला दिवस’ मनाने का निर्णय लिया है। इस दिन जिलेभर के पेंशनर काली पट्टी बांधकर और काले वस्त्र धारण कर जुलूस निकालेंगे, जिसके माध्यम से वे अपना विरोध दर्ज कराएंगे। पेंशनर्स का यह विरोध केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा 25 मार्च 2025 को लोकसभा में प्रस्तुत किए गए वित्त विधेयक के खिलाफ है। यह विधेयक बाद में संसद से पारित होकर 29 मार्च 2025 को कानून बन गया था। पेंशनर्स का आरोप है कि यह कानून उनके हितों के विरुद्ध है। पेंशनर्स का कहना है कि इस कानून के लागू होने से भविष्य में पेंशन में वृद्धि की संभावनाएं समाप्त हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त, विभिन्न वर्गों के पेंशनर्स के बीच असमानता बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के आह्वान पर राजस्थान पेंशनर समाज ने पूरे प्रदेश में 25 मार्च को ‘काला दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस दौरान, पेंशनर्स जिला कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। इस संबंध में 23 मार्च को कोषालय परिसर स्थित पेंशनर कक्ष में जिला कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले की सभी उपशाखाएं—विजयनगर, मसूदा, टॉडगढ़, जैतारण और रायपुर—अपने-अपने उपखंड एवं तहसील स्तर पर जुलूस निकालेंगी। जिला मुख्यालय ब्यावर पर पेंशनर्स सुबह 9 बजे अजमेरी गेट स्थित सुभाष चंद्र बोस प्रतिमा के पास एकत्रित होंगे। इसके बाद, जुलूस अग्रसेन सर्किल, सिटी थाना, मुख्य डाकघर और कोर्ट परिसर होते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचेगा, जहां ज्ञापन सौंपा जाएगा। जुलूस में शामिल सभी पेंशनर्स बाएं हाथ पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। बैठक में मुख्य संरक्षक सत्यनारायण सांखला, अध्यक्ष नारायण सिंह पंवार, जिला मंत्री हेमंत दीक्षित, उपाध्यक्ष ओम प्रकाश अग्रवाल, संगठन मंत्री राधेश्याम शर्मा, प्रांतीय प्रतिनिधि कूंप सिंह रावत सहित भंवरलाल पलासिया, सोहनलाल तंवर, उम सिंह रावत, बालू सिंह गहलोत और मिश्रु काठात जैसे अनेक पेंशनर मौजूद रहे।