नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल 2000 गाड़ियों के काफिले के साथ जयपुर की ओर रवाना हुए हैं। सांसद अपने समर्थकों के साथ हाईवे और रेलवे ट्रैक जाम करने निकले थे। हाईवे पर पहुंचने से पहले काफिला जयपुर की तरफ मुड़ गया। रात साढ़े नौ बजे काफिला नागौर जिले के अंतिम गांव बाड़ी घाटी में टोल के पास हाईवे के किनारे रुक गया। यहां रात 11:30 अजमेर रेंज आईजी राजेंद्र सिंह, नागौर जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित और एसपी मृदुल कच्छावा पहुंचे। बेनीवाल को वार्ता के लिए पास के ही एक होटल में बुलाया गया। इससे पहले बेनीवाल मंगलवार को रियांबड़ी में 8 दिन से चल रहे किसानों के आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने प्रशासन को किसानों की मांगों को मानने का 4 बजे तक का अल्टीमेटम दिया। सुनवाई नहीं होने पर 11 किमी दूर NH 59 नागौर-अजमेर हाईवे की ओर निकल पड़े। प्रशासन ने पादुकलां में ही हाईवे पर बेरिकेडिंग कर रखी थी। मौके पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात था। यह देखते हुए सांसद बेनीवाल का काफिला जयपुर की ओर मुड़ गया। इससे पहले बेनीवाल ने कहा- बजरी माफिया का तो मैंने इलाज कर दिया, लेकिन जनता ने RLP का इलाज कर दिया, वोट एक नहीं दिया। ये किया था पिछली बार राजस्थान की जनता ने। अगर समय रहते वोट डालती और आज मेरे 5, 7 या 10 विधायक होते, तो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा या राज्यपाल के अभिभाषण की इतनी हिम्मत नहीं होती। मैं उस अभिभाषण को फाड़कर फेंक देता, जैसा मैंने पहले 11 बार किया है। बेनीवाल ने रैली शुरू होने से पहले युवाओं को हिदायत भी दी। कहा- मेरे से आगे निकलने की कोशिश मत करना। बुजुर्ग पीछे चलेंगे और युवा आगे चलेंगे। उन्होंने कहा- कलेक्टर-अधिकारी कमरों में छिप रहे हैं। बार-बार पेशाब करने जा रहे हैं। पहले देखिए किसान आंदोलन से जुड़ी तस्वीरें… पढ़ें ये खबर भी… 200 ट्रैक्टरों के साथ कलेक्ट्रेट घेरने निकले किसान:बोले- आज हम प्रशासन को झुकाएंगे; 4 घंटे चली वार्ता में बनी सहमति

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