बाड़मेर से सटे भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के जीरो पॉइंट पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने पाकिस्तानी नागरिक और उसके 7 साल के बेटे को पकड़ा है। दोनों पाकिस्तानी बॉर्डर से भारतीय सीमा में घुसने का प्रयास कर रहे थे। जवानों ने दोनों को भारतीय सीमा में बने गांव जानपालिया के पास जीरो पॉइंट पर बुधवार दोपहर 3 बजे पकड़ लिया। दोनों से पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें पुलिस को सौंप दिया गया। पूछताछ में सामने आया है कि पाकिस्तानी नागरिक के रिश्तेदार पहले से ही भारत में रह रहे हैं। BSF ने जब दोनों को पुलिस को सौंपा तो बच्चा रोने लगा। उसने रोते हुए सिंध भाषा में पुलिस से कहा- भूख लग रही है, खाने को दो। फिर कहा- भूख लग रही है, बिस्किट लाकर दो। जवानों ने मासूम को पानी पिलाया और बिस्किट खिलाने के बाद पिता के साथ शाम 6:30 बजे सेड़वा थाना पुलिस को सौंप दिया। पाकिस्तान के थारपारकर जिले का पता बताया
पुलिस पूछताछ में पाक नागरिक ने अपना नाम कानजी (47) पुत्र रायमल निवासी गांव हेमारी, पुलिस थाना बलिहारी जिला थारपारकर पाकिस्तान बताया है। एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया- जीरो पॉइंट पर 2 पाक नागरिक को BSF ने पकड़ा है। इनसे अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। अभी यह जांच चल रही है कि ये तारबंदी के नजदीक क्यों आए थे? इसके पीछे मकसद क्या था? जांच में सामने आया कि कानजी की बहन की शादी बाड़मेर में ही हो रखी है। पाकिस्तान जासूसों से क्या डिमांड करता है? एक्सपर्ट के अनुसार युद्ध के समय हर छोटी से छोटी जानकारी दुश्मन देश के लिए महत्वपूर्ण होती है। जासूस सीमावर्ती क्षेत्रों में हर तरह की जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के एजेंटों को शेयर करते हैं। — सरहदी इलाकों से जासूस के पकड़े जाने की ये खबरें भी पढ़ें.. जैसलमेर में बॉर्डर से पकड़ा गया पाकिस्तानी जासूस:ISI को भेज रहा था सेना से जुड़ी सूचनाएं; ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी दी थी जानकारियां राजस्थान की सीआईडी इंटेलिजेंस ने जैसलमेर में बॉर्डर से पाकिस्तानी जासूस हनीफ खान को गिरफ्तार किया है। हनीफ खान पैसों के लालच में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं भेज रहा था। (पढ़ें पूरी खबर) बॉर्डर पार करने 2000 KM दूर जैसलमेर पहुंचा युवक:बोला- सऊदी अरब जाना चाहता था, वीजा नहीं मिलने पर ये प्लान बनाया जैसलमेर में बॉर्डर के पास पकड़े गए पश्चिम बंगाल के युवक लालचंद ने चौकाने वाले खुलासे किए हैं। 10 दिन में 2000 किमी सफर कर जैसलमेर पहुंचा। लालचंद अरब देशों में जाना चाहता था। उसे वीजा नहीं मिला तो उसने जैसलमेर के रास्ते पाकिस्तान और वहां से अरब देशों में जाने का रास्ता चुना। (पढ़ें पूरी खबर)