भीलवाड़ा में पिता ने जिंदा बेटी का शोक सन्देश छपवाकर तीये की बैठक रखी है। शोक संदेश में बेटी के फोटो के साथ 20 मार्च 2026 को उसका ‘स्वर्गवास’ लिखा है। 22 मार्च को तीये की बैठक और 31 मार्च को ब्रह्मभोज का कार्यक्रम रखा है। बेटी ने भाग कर दूसरे समाज के युवक से शादी कर ली। इसके बाद सुरक्षा की गुहार लगाते हुए थाने पहुंच गई। सूचना मिलने पर परिजन भी थाने पहुंचे। पिता ने उसे मनाने की कोशिश की। बेटी के सामने झोली फैलाकर उसे घर लौटने की बात कही, लेकिन बेटी ने मना कर दिया। जानकारी के अनुसार, युवती जयपुर में पढ़ती है, उसने अपनी मर्जी से दूसरे समाज के युवक से शादी कर ली। इसके बाद बात घर तक पहुंची तो युवक- युवती परिजनों को मनाने आए थे। परिजन नहीं माने तो युवक-युवती सुरक्षा की गुहार लगाते हुए थाने पहुंच गए। थाने में समझाइश के बाद भी नहीं मानी थाने में पिता ने अपनी बेटी के सामने झोली फैलाकर उसे घर लौटने की बात कही। लेकिन, बेटी ने मना कर दिया। इस फैसले से आहत पिता ने पुत्री से नाता तोड़ लिया। पिता ने शोक संदेश छपवाकर बेटी को मृत मान लिया। उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार तेरहवीं व अन्य संस्कार करने का निर्णय लिया है। 31 मार्च को ब्रह्मभोज छपवाए गए शोक पत्र में 20 मार्च 2026 को उसका ‘स्वर्गवास’ बताया। इसके बाद 22 मार्च को तीये की बैठक और 31 मार्च को ब्रह्मभोज का कार्यक्रम रखा है। SHO बोले- शोक संदेश उनका निजी निर्णय मामले को लेकर संबंधित थानाधिकारी ने बताया- युवती बालिग है। थाने में उसे परिजनों से मिलवाया गया था। इसके बाद आमने-सामने बैठकर समझाने का प्रयास भी हुआ। युवती अपने पति के साथ रहने पर अड़ी रही। कानूनन बालिग को उसकी मर्जी के साथ जाने की अनुमति है। दोनों ने पुलिस से सुरक्षा मांगी है। परिजनों द्वारा शोक संदेश छपवाना उनका निजी और भावनात्मक निर्णय है।