प्रदेश की भाजपा सरकार के 2 साल पूरे होने की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानंद व्यास को कुर्सी ही नहीं मिली। ऐसे में नाराज विधायक पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में खड़े ही रहे। उन्हें कुर्सी ऑफर की, तब भी वे नहीं बैठे। इसके बाद जैसे ही व्यास से मीडिया ने उनके शहर से नदारद रहने पर सवाल किया तो वे भड़क गए। बोले- पत्रकार होने का ये मतलब नहीं कि चाहे जैसे बोलोगे। मेरे साथ चलो और दिखाओ कहां काम चल रहा है। बीकानेर कलेक्ट्रेट में शनिवार सुबह 11:30 बजे हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रभारी मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर भी मौजूद थे। जेठालाल व्यास तय समय से लेट पहुंचे थे। तब तक पत्रकारों से बातचीत शुरू हो गई थी। खींवसर के पास एक तरफ बीकानेर पूर्व की विधायक सिद्धि कुमारी, जबकि दूसरी तरफ जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि बैठ गईं। विधायक व्यास के आने के बाद भी उन्हें कुर्सी नहीं दी गई। इस पर वे प्रभारी मंत्री के पीछे जाकर खड़े हो गए। इस दौरान सिद्धि कुमारी ने उन्हें बैठने का इशारा किया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। देखिए नाराजगी और मीडिया से बहस की 2 तस्वीरें… मीडिया पर भड़के MLA
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों ने खींवसर से कहा- प्रभारी मंत्री जी आप शहर की विजिट कीजिए और देखिए, उसके बाद आपको दर्द पता चलेगा जनता का। प्रभारी मंत्री- मैं गया हूं, कई जगह गया हूं। पत्रकार- विधायक तो आपके नजर नहीं आते। (विधायक जेठानंद व्यास आगे आते हैं) विधायक व्यास- आप गलत कह रहे हो, आप गलत मत बोलो यहां… पत्रकार- शहर में काम चल रहा है। (विधायक टोकते हुए) विधायक- कितनी जगह चल रहा है काम। पत्रकार- 2-4 जगह चल रहा है। विधायक- आप मेरे साथ चलो शहर के अंदर, आप मेरे साथ चलिए, कितने काम चल रहे हैं, ये मत कहो आप। गलत मत कहो आप, हर वार्ड में घूम रहा हूं मैं… कोलायत विधायक भी लेट आए, पीछे बैठे
कुर्सी को लेकर बीकानेर पश्चिम के विधायक इतना नाराज हुए कि वापस बैठे ही नहीं। वहीं कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी आए और पत्रकारों के पीछे लगी कुर्सी पर बैठ गए। उन्हें किनारे होकर आगे आने का आग्रह किया तो वे आगे आए। प्रशासन की गलती, मंत्री से नाराज नहीं
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पत्रकारों ने विधायक से कुर्सी नहीं मिलने के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि मेरा मंत्री से विरोध नहीं है। प्रशासन की गलती है। प्रभारी मंत्री को बता दिया गया है, प्रशासन से बात की जाएगी। वहीं इस मामले में जब कलेक्टर से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। अस्पताल उद्घाटन में भी नाराज हुए थे
इससे पहले गंगाशहर के एक अस्पताल में विधायक के पहुंचने से पहले ही उद्घाटन कर दिया गया था। उद्घाटन पट्टिका में भी विधायक का नाम नहीं दिया गया। इससे नाराज होकर विधायक वहां से निकल गए। इस बार विधायक ने जिला कलेक्टर से अपनी नाराजगी जताई। जूली ने लिखा- मंत्रियों में कुंठा और विधायक हताश
