बीकानेर में रेलवे स्टेशन पर लगी मुरलीधर व्यास की मूर्ति मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपा नेता एकमत हो गए है। इनका कहना है कि मूर्ति को इधर-उधर नहीं होने दिया जाएगा। एक-दूसरे के राजनीतिक विरोधी होने के बाद भी विधायक जेठानंद व्यास और पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने एक स्वर में रेलवे की कार्रवाई का विरोध किया है। इन्होंने साफ कर दिया कि मूर्ति को नहीं हटने देंगे। रेलवे ने भी फिलहाल इस काम को टाल दिया है। आंदोलन की दी चेतावनी
रेलवे स्टेशन के हॉल में हुई बैठक में मुरलीधर व्यास की मूर्ति रेलवे स्टेशन के रेनोवेशन के बाद भी इसी स्थान पर रखने की सहमति बनी है। अगर मूर्ति को इधर-उधर किया गया तो आंदोलन किया जाएगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की होगी।
रेलवे रेनोवेशन के वक्त मूर्ति के चारों तरफ फैंसिंग की जाएगी। ये काम रेलवे अपने स्तर पर करेगा। मूर्ति को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा। नहीं आए रेलवे के आला अधिकारी
इस मीटिंग में रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक को आना था, लेकिन वो नहीं आए। उनकी जगह शंकरलाल बैरवा और प्रहलाद सिंह राजपुरोहित को भेजा गया, जो सहायक अभियंता स्तर के अधिकारी है।
बैठक में बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानंद व्यास, पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला, समाजवादी नेता नारायण दास रंगा, दिलीप जोशी, भंवर पुरोहित सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
