राजस्थान में कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर चर्चा में है। पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंद राम मेघवाल के एक कथित बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें दिवंगत नेता रामेश्वर डूडी पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप लगे हैं। इस मामले को लेकर डूडी की पत्नी नोखा विधायक विधायक सुशीला डूडी और समर्थक नेताओं ने नाराजगी जताते हुए पार्टी आलाकमान से मेघवाल पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मेघवाल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपने खिलाफ साजिश बताया है और वायरल वीडियो को एआई से तैयार किया गया बताया है। रामेश्वर डूडी की पत्नी ने कहा-आज मेरे पति संसार में नहीं है, ऐसे में उन पर इस तरह की टिप्पणी करना संवेदनहीनता है। मेरे पास पार्टी कार्यकर्ताओं के फोन आ रहे हैं, उनमें आक्रोश है। जागरण में बातचीत का वीडियो बना विवाद की वजह जानकारी के अनुसार, हाल ही में एक गांव में जागरण के दौरान हुई अनौपचारिक बातचीत का एक वीडियो सामने आया है। इसमें गोविंद मेघवाल कांग्रेस की चुनावी हार का जिक्र करते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने रामेश्वर डूडी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और कहा कि थोड़ा सहयोग मिलता तो जीत संभव थी। साथ ही उन्होंने अपनी हार के लिए पूर्व मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला को भी जिम्मेदार ठहराया। मेघवाल बोले- वीडियो बनाकर शेयर करना अनुशानहीनता है विवाद बढ़ने पर गोविंद मेघवाल ने सफाई देते हुए इसे अपने खिलाफ साजिश बताया। मुझे सोशल मीडिया के माध्यम से इस तरह के वीडियो से दबाने का प्रयास किया जा रहा है। आने वाले समय में पंचायत चुनाव हैं, ऐसे में भाजपा स्थानीय स्तर पर समीकरण बिगाड़ने का प्रयास कर रही है। ये अनुशानहीनता है, इनसे बचना चाहिए। 2003 में डूडी जी रेवतराम से नाराज थे। वे मेरे साथ थे, जिससे नोखा सीट पर जीत हुई थी। अभी सुशीला डूडी को नोखा से चुनाव जिताने के लिए पूरा प्रयास किया। रामेश्वर डूडी इस दुनिया से चले गए, हमें भी जाना है, लेकिन इस बात का दुख है कि अपने ही लोग ऐसा कर रहे हैं। पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल ने कहा कि अशोक गहलोत ने मुझे पार्टी में लेकर मंत्री बनाया। मैं पार्टी को छोड़ने की सोच भी नहीं सकता हूं। अगर मुझे जेल भी जाना पड़े तो जाऊंगा, लेकिन संगठन को मजबूत करूंगा। ये भी लगाया आरोप
गोविंदराम ने कहा- रामेश्वर डूडी ने ही अर्जुनराम मेघवाल के सामने एक बार मदन गोपाल मेघवाल और एक बार शंकर पन्नू को टिकट दिलवाया था। दोनों कमजोर प्रत्याशी थे, इसलिए अर्जुनराम जीत गए। जब मैंने नोखा में भाजपा से विधायक का चुनाव लड़ा, तब भी कांग्रेस नेता डूडी ने उन्हें वोट दिया था। डोटासरा ने पहले कराया था समझौता रामेश्वर डूडी और गोविंद राम मेघवाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद को खत्म करने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पहले समझौता कराया था। मेघवाल के अनुसार, हेलीकॉप्टर में हुई बातचीत के बाद दोनों के बीच सहमति बनी थी और उसके बाद उन्होंने डूडी का विरोध नहीं किया। पार्टी आलाकमान से कार्रवाई की मांग इस मामले के बाद डूडी समर्थक नेताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है। डूडी की पत्नी नोखा विधायक सुशीला डूडी, देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग और शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने गोविंद मेघवाल पर कार्रवाई करने की मांग की है। इन नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग भी रखी। इसके बाद गोविंद मेघवाल ने भी गहलोत से मिलकर अपना पक्ष रखा। शहर कांग्रेस अध्यक्ष बोले- किसी तरह का पत्र नहीं लिखा शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने कहा – किसी भी सीनियर नेता को इस तरह नहीं बोलना चाहिए। हमने किसी तरह का पत्र तो नहीं लिखा है, लेकिन सीनियर लीडर्स को सारी स्थिति से अवगत करा दिया है। शहर कांग्रेस पार्टी प्रदेशाध्यक्ष और सीनियर नेताओं के दिशा-निर्देश पर आगे भी कार्रवाई करेगी। केंद्रीय मंत्री के बेटे बोले – चर्चा में बने रहने के लिए ऐसा किया सांसद और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के बेटे रविशेखर मेघवाल ने कहा – मैं इनके कार्यक्रमों का क्यों ध्यान रखूं। वीडियो के अंत में वे स्वयं पूछ रहे हैं कि किसी ने वीडियो बनाकर रिकॉर्ड तो नहीं किया। ऐसा भी संभव है कि चर्चा में बने रहने के लिए उन्होंने खुद ही इस तरह वीडियो बनाकर शेयर किया हो। देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा- रामेश्वर डूडी के बारे में ऐसी टिप्पणी करना उचित नहीं है। कांग्रेस पार्टी की ऐसी कोई विचारधारा नहीं है। पत्नी बोलीं – सार्वजनिक जीवन में ऐसे वक्तव्य नहीं देने चाहिए रामेश्वर डूडी की पत्नी सुशीला डूडी ने कहा- मेरे पति रामेश्वर डूडी ने सभी कौमों को साथ लेकर बीकानेर के विकास का प्रयास किया है। दलित समाज के लोगों को प्रमुख बनाने में उनकी अहम भूमिका रही। आज मेरे पति संसार में नहीं हैं, ऐसे में उन पर इस तरह की टिप्पणी करना संवेदनहीनता है। मेरे पास पार्टी कार्यकर्ताओं के फोन आ रहे हैं, उनमें आक्रोश है। सार्वजनिक जीवन में रहने वाले व्यक्ति को ऐसे वक्तव्य नहीं देने चाहिए।