केस 1 : गुपचुप अबॉर्शन के लिए एक महिला ने एमटीपी किट लिया। इसके बावजूद भी पीरियड्स नहीं आए तो डॉक्टर के पास गई। वहां पता चला कि वो तीन महीने की प्रेग्नेंट है। केस 2 : एक महिला ने बिना डॉक्टर की सलाह एमटीपी किट का इस्तेमाल कर लिया। इतना ब्लड लॉस हुआ कि आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। ये दो केस काफी हैं ये बताने के लिए कि बिना डॉक्टर की सलाह एमटीपी किट का इस्तेमाल करना कितना खतरनाक है? नियमानुसार, हॉस्पिटल में एडमिट रख कर डॉक्टर्स के ऑब्जर्वेशन में प्रेग्नेंसी की शुरुआती स्टेज में अबॉर्शन के लिए दिया जाता है, लेकिन जोधपुर में मेडिकल स्टोर पर धड़ल्ले से बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के ये किट बिक रहा है। भास्कर रिपोर्टर की पड़ताल में ये सच सामने आया। 500 रुपए के किट के 1500 रुपए तक वसूले जा रहे हैं। मेडिकल स्टोर वाले किट मांगते दुकान से दूर बुलाते हैं। तीन गुना पैस लेकर किट थमा देते हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… दुकान से दूर बुलाकर दी किट भास्कर रिपोर्टर सबसे पहले जोधपुर एम्स के सामने मेडिकल मार्केट में मुख्य सड़क पर स्थित दुकानों पर पहुंची। एमटीपी किट मांगी तो सबने मना कर दिया। फिर किसी ने बताया- गली वाली दुकानों पर मिल सकता है। गली के कॉर्नर पर रिपोर्टर राज राजेश्वर मेडिकल स्टोर पर पहुंचीं। किट मांगी तो वहां काम कर रहे लड़के ने कहा- आधे घंटे बाद आना, मिल जाएगी। रिपोर्टर आधे घंटे बाद दोबारा पहुंची तो वहां एक दूसरा युवक मौजूद था। बोला- दुकानों के आगे ठेला लगा है। वहां जाओ, मिल जाएगी। मोबाइल बैग में ही रखना। रिपोर्टर दुकान से आगे निकली तो वहीं लड़का मिला, जिसने आधे घंटे बाद आने को कहा था। उसने बिना कवर के टेबलेट का किट पकड़ाया और 1500 रुपए मांगे। कहा- जल्दी से इसे जेब में रख लीजिए। इसे बेचना अवैध है। मिलती नहीं है, इसलिए महंगी हैं। 1 हजार मांगे, फिर 800 रुपए में मान गया इसके बाद रिपोर्टर एम्स के मेडिकल मार्केट में जय बाबा रामदेव मेडिकोज पर पहुंची। एमटीपी किट मांगने पर वहां काम करने वाले युवक ने दुकान से कुछ दूर एक ढाबे के पास खड़े रहने को कहा। बोला- वही आपको एक लड़का मिलेगा। वो किट लाकर दे देगा। रिपोर्टर ढाबे के पास गाड़ी खड़ी कर उसमें बैठ गई। कुछ देर बाद दुकान पर मिला युवक अपने साथ एक और युवक को लाया। टेबलेट का किट हाथ में दिया और कैसे लेना ये समझाकर एक हजार रुपए मांगे। रिपोर्टर ने रेट ज्यादा हाेने की बात कही तो 800 रुपए पर मान गया और किट दे दिया। ज्यादा कीमत वसूलने के लिए किट पर लिखी रेट छिपा दी बिना डॉक्टर की सलाह एमटीपी किट बेचने वाले मेडिकल स्टोर वाले ज्यादा रुपए वसूलने के लिए किट पर लिखी रेट को ब्लैक व ब्लू पैन से रब कर छिपा देते हैं। रिपोर्टर ने मार्केट में जब पता किया जो जानकारी मिली कि यह किट 400 से 500 रुपए में मिलता है और परिवार नियोजन केंद्र व अस्पताल में ही उपलब्ध रहता है। अवैध तरीके से किट बेचने वाले न पूछते हैं कि प्रेग्नेंसी कितने दिन की है? न ही डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन मांगते हैं। 2 से तीन गुना पैसे लेकर चुपचाप किट थमा देते हैं। नियम : अवैध बिक्री पर हो सकती है जेल भारत में गर्भपात से जुड़ी दवाओं की बिक्री Medical Termination of Pregnancy Act, 1971 के तहत नियंत्रित है। कानून के अनुसार MTP किट ओवर-द-काउंटर दवा नहीं हैं। इसे खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य हैं। अवैध बिक्री पर मेडिकल स्टोर संचालक पर जुर्माना लगाया जा सकता है। जेल हो सकती है। ज्यादा खून निकलने से जान का खतरा बिना डॉक्टर की सलाह से एमटीपी किट लेने पर अबॉर्शन के समय ब्लड लॉस हो सकता है। कई बार इतना ब्लड निकलता है कि महिलाएं बेहोश हो जाती हैं। अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है। प्रताप नगर सैटेलाइट हॉस्पिटल की डॉक्टर प्रियंका ने बताया कि आज ही एक केस आया था। महिला ने एमटीपी किट बिना चेकअप के लिया। इतना ब्लड लॉस हुआ कि आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। कई बार पूरी तरह से गर्भपात नहीं हो पाता, ऐसे में लंबे समय तक ब्लड लॉस रहता है। स्थिति जानलेवा हो जाती हैं। हॉस्पिटल आकर डीएनसी करवानी पड़ती है। महिला पहले से ही एनिमिक हो तब यह किट उसके लिए ज्यादा घातक हैं। हॉस्पिटल में एडमिट रख कर डॉक्टर्स के ऑब्जर्वेशन में यह किट दिया जाता है। महिला बोली- मेरी जान जा सकती थी जोधपुर निवासी महिला ने बताया कि अनवांटेड प्रेग्नेंसी के समय उसने बिना डॉक्टरी सलाह के एमटीपी किट ले लिया। कई दिनों तक ब्लड लॉस रहा, जिससे कमजोरी आ गई। कुछ दिन बाद पेट में जोर से दर्द शुरु हुआ। डॉक्टर की जांच के बाद पता चला कि भ्रूण गर्भाशय के बाहर फैलोपियन ट्यूब में है। कुछ दिन और लापरवाही करने पर ट्यूब ब्लास्ट हो जाती। ऐसे में मौत भी हो सकती थी। किट की खरीद-बिक्री की डिटेल रखना जरूरी जोधपुर के सहायक औषधि नियंत्रक राकेश वर्मा ने बताया कि MTP किट शेड्यूल H दवाइयों की श्रेणी में आता है। इसे बिना प्रिस्क्रिप्शन के नहीं दिया जाता। मेडिकल शॉप वालों को डिटेल रखनी होती है कि कितने किट खरीदे, कितने बेचे। कई मेडिकल स्टोर वालों ने मना भी किया भास्कर रिपोर्टर ने जोधपुर के कई इलाकों में मेडिकल स्टोर वालों से किट की डिमांड की। कई मेडिकल स्टोर संचालकों ने साफ मना कर दिया। बोले- बिना डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन के किट नहीं दे सकते।
