राजस्थान राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य ध्रुव कुमार चारण ने शुक्रवार को डूंगरपुर जिले का दौरा किया। उन्होंने सर्किट हाउस में बाल कल्याण से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं और अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान जिले में बच्चों की स्थिति और उनके सामने आने वाली चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में बाल अधिकारिता विभाग, श्रम विभाग, पुलिस विभाग और बाल कल्याण समिति (CWC) सहित अन्य संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सदस्य ध्रुव कुमार ने अधिकारियों से बाल संरक्षण, बाल श्रम रोकथाम और बाल विवाह रोकथाम के संबंध में अब तक की गई गतिविधियों और कार्रवाई की जानकारी ली। ध्रुव कुमार ने जिले में बाल कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डूंगरपुर में बच्चों से जुड़ी समस्याएं अन्य क्षेत्रों की तुलना में कम हैं। उन्होंने विशेष रूप से सीडब्ल्यूसी और बाल अधिकारिता विभाग के प्रयासों की सराहना की। बाल श्रम और बच्चों के पलायन के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि श्रम विभाग और पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें पलायन करने वाले बच्चों की स्कैनिंग करती हैं, जिसके परिणामस्वरूप बाल श्रम के आंकड़ों में काफी सुधार देखने को मिला है। अपने दौरे के दौरान, बाल संरक्षण आयोग के सदस्य ध्रुव कुमार ने सदर थाने में स्थित बाल मित्र कक्ष का भी निरीक्षण किया।
