जिला बाल सुरक्षा अधिकारी की अगुवाई में बाल विवाह रोकथाम को लेकर विभिन्न स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस विशेष मुहिम के तहत श्री बालाजी प्रेम आश्रम, गांव खंडूर, गांव रुढ़का, नई दाना मंडी, मॉडल टाउन तथा सरकारी हाई स्कूल फील्ड गंज, खेड़ी-झमेड़ी में स्कूली बच्चों को जागरूक किया गया। जिला बाल सुरक्षा अधिकारी रश्मी ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा तथा महिला एवं बाल विकास विभाग, पंजाब, चंडीगढ़ द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत 27 नवंबर से 08 मार्च 2026 तक बाल विवाह की रोकथाम के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसके अंतर्गत विभिन्न स्कूलों में बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवाह के लिए लड़की की उम्र 18 वर्ष तथा लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। यदि कोई परिवार कम उम्र के बच्चों का विवाह करवाते पकड़ा जाता है, तो परिवार के सदस्यों को 1 लाख रुपए जुर्माना और 2 वर्ष की कैद की सजा हो सकती है। साथ ही विवाह करवाने में शामिल पक्ष जैसे मैरिज पैलेस मालिक, हलवाई, टेंट हाउस, पंडित, पादरी, गुरुद्वारा में आनंद कारज करवाने वाले ग्रंथी, प्रिंटिंग प्रेस, बैंड पार्टी, सजावट करने वाले आदि पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के सख्त निर्देशों के अनुसार, जब भी कोई व्यक्ति विवाह की बुकिंग के लिए संपर्क करे, तो संबंधित पक्षों को पहले लड़के और लड़की की उम्र का सत्यापन करना अनिवार्य होगा। इस अवसर पर वरिंदर सिंह (जिला कार्यक्रम कार्यालय), रीता सूद और संजना कुमारी (जिला बाल सुरक्षा यूनिट), किरणदीप कौर और प्रभजोत कौर (चाइल्डलाइन) भी उपस्थित रहे।
