बेमौसम हुई बरसात ने इस बार बर्ड विलेज मेनार में विदेशी परिंदों के आगमन को थाम सा दिया है। हर साल दिसंबर तक फ्लेमिंगो, पेलिकन समेत सैकड़ों प्रजातियों के मेहमान परिंदे यहां अपना डेरा डाल लेते हैं। इस बार हर तरफ स्थानीय पक्षी ही दिखाई दे रहे हैं। विदेशी परिंदे गिनती के हैं। पक्षी प्रेमी डॉ. कमलेश शर्मा बताते हैं कि तालाब में जल स्तर बढ़ा हुआ है। इस वजह से प्रवासी पक्षी इस बार मेनार और आसपास के तालाब में दिखाई नहीं दे रहे हैं। हर साल दिसंबर तक तालाब का पानी कम हो जाता है, इससे इसके दलदली किनारे पक्षियों के प्रवास के लिए अनुकूल बन जाते हैं। अभी तक मेनार के ढंढ तालाब में केवल 2 पेलीकन बर्ड्स ही दिखे हैं। हर साल दिसंबर की शुरुआत से ही फ्लेमिंगो का आगमन शुरू हो जाता है। लेकिन इस बार यहां एक भी फ्लेमिंगो नहीं दिखाई दिया है। इस साल इन पक्षियों ने जयपुर की सांभर झील का रुख कर दिया है। इससे पक्षी प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है।
