बारां स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में रविवार को दूसरा देहदान किया गया। कोटा निवासी रिटायर्ड डीएसपी सुबोध कुमार रघुवंशी की पार्थिव देह मेडिकल छात्रों के प्रायोगिक अध्ययन के लिए कॉलेज को सौंपी गई। शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ. कुलवंत गौड़ ने बताया कि शनिवार रात सुबोध कुमार रघुवंशी के निधन की सूचना मिली थी। परिवार उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार देहदान करना चाहता था। डॉ. गौड़ ने तुरंत परिजनों से संपर्क कर प्रक्रिया समझाई और उन्हें प्रेरित किया। परिजनों ने पहले कोटा मेडिकल कॉलेज में देहदान के लिए प्रयास किए, लेकिन वहां से संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद डॉ. गौड़ ने बारां मेडिकल कॉलेज में देहदान कराने की सलाह दी और एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. अंकुश आसोपा से संपर्क किया। रविवार को अवकाश होने के बावजूद डॉ. आसोपा तुरंत मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इधर, परिजन एंबुलेंस से पार्थिव देह लेकर बारां पहुंचे, जहां विधिवत प्रक्रिया पूरी कर देहदान संपन्न कराया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. आसोपा ने बताया कि बारां मेडिकल कॉलेज में यह दूसरा देहदान है। निर्धारित मानकों के अनुसार, प्रत्येक 10 विद्यार्थियों पर एक कैडेवर की आवश्यकता होती है, लेकिन अब तक केवल दो ही देहदान हो पाए हैं। देहदानी के पुत्र प्रभात रघुवंशी ने बताया कि उनके पिता कोटा रेंज आईजी कार्यालय में डीएसपी पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वे व्यावहारिक सोच के व्यक्ति थे और मानते थे कि मृत्यु के बाद देह का दाह संस्कार हो जाता है, ऐसे में यदि यह किसी के काम आ सके तो बेहतर है। उनकी इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए परिवार ने देहदान का निर्णय लिया। प्रभात ने बताया कि इस दौरान उन्होंने और उनकी माता ने भी भविष्य में देहदान करने का संकल्प लिया है।
