बारां जिले में मच्छर जनित बीमारियों पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया क्रेश प्रोग्राम के तहत एक विशेष अभियान शुरू किया है। यह अभियान 14 मई तक चलेगा। इसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं और बुखार से पीड़ित लोगों की मौके पर ही जांच की जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों की समय पर पहचान कर उनका त्वरित उपचार सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि एएनएम, सीएचओ और आशा सहयोगिनी घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। बुखार के लक्षण मिलने पर ब्लड स्लाइड और रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट के माध्यम से जांच की जा रही है। यदि कोई केस पॉजिटिव पाया जाता है, तो तत्काल उपचार शुरू किया जा रहा है। अभियान के दौरान जन जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द और शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखने पर वे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच कराएं। मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए एंटी-लार्वा और एंटी-एडल्ट गतिविधियां भी तेज कर दी गई हैं। स्वास्थ्य टीमें घरों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा पानी की पहचान कर उसे हटवा रही हैं। लोगों को कूलर, टंकियों, गमलों और पुराने टायरों की नियमित सफाई के लिए जागरूक किया जा रहा है। अधिक प्रभावित क्षेत्रों में नालियों की सफाई और जल स्रोतों की जांच के साथ ‘सोर्स रिडक्शन’ पर काम किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, गैंबुसिया मछलियों का उपयोग करके मच्छरों के लार्वा को भी खत्म किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और हर रविवार को होने वाली सफाई गतिविधियों में भाग लेकर इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।
