रोड एक्सीडेंट में युवक की मौत के बाद नेशनल हाईवे जाम करने और पुलिस पर पथराव करने के मामले में उदयपुर कोर्ट ने बाप पार्टी नेताओं सहित सभी 29 आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामला उदयपुर के सायरा थाना क्षेत्र में एक सप्ताह पहले का है। लोक अभियोजक पृथ्वीराज ने बताया कि अदालत में उनकी तरफ बताया गया कि आरोपियों का यह कदम कानून व्यवस्था के लिए चुनौतिपूर्ण था। शव को रोड पर रखकर नेशनल हाईवे जाम करते हुए अगर कोई अनुशासहीनता करेगा तो कानून उसे जरूर सजा देगा। इसमें बाप पार्टी के विधायक प्रत्याशी रहे रामहरी मीणा और राजकुमार सहित 29 आरोपी शामिल हैं। युवक की मौत के बाद नेशनल हाईवे किया था जाम
23 अक्टूबर को उदयपुर के कटार ग्राम पंचायत में बरवाड़ा हाईवे पर हादसा हुआ। मृतक अंबालाल गमेती दोपहर को मजदूरी करने जा रहा था। तभी पीछे से आ रही एक कार ने बाइक को टक्कर मार दी। मौके से कार ड्राइवर फरार हो गया था। जिसे पुलिस ने डिटेन कर लिया। वहीं घटना के बाद मृतक के परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। लोगों ने रोड जाम कर दिया था। पुलिस ने समझाइश करते हुए उन्हें रोड से उठाने का प्रयास किया तो भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को खदेड़ा था। पुलिस ने मामले में 29 आरोपियों को गिरफ्तार किया था और 52 वाहन जब्त किए थे। यह खबर भी पढ़ें… 50 बीघा जमीन पर हो रही थी गांजे की खेती:शोभायात्रा में श्रद्धालु बनकर पहुंची पुलिस; तस्करों ने जनजातीय क्षेत्र को बनाया था अड्डा उदयपुर में पुलिस ने 50 बीघा जमीन पर फैली करीब 30 करोड़ रुपए की अवैध गांजे की खेती का पर्दाफाश किया है। पुलिसकर्मी शोभायात्रा के बहाने दुर्गम जनजातीय इलाकों कउडा-मउडा, माण्डवा, निचली सुबरी और उपलाथला में पहुंची। खेतों में 8 हजार से अधिक गांजे के पौधे लहलहा रहे थे, जिन्हें गुजरात और पंजाब में सप्लाई करने की तैयारी थी। (पूरी खबर पढ़ें)
