फाजिल्का में आज दोपहर में 12 बच्चों की अचानक तबियत बिगड़ गई। खेलते समय रतनजोत नाम के पौधे का फल बादाम समझकर एक बच्चे ने खा लिया। इसके बाद एक बाद एक करके सभी बच्चे खाते गए। इसके कुछ देकर बाद उनकी हालत खराब हो गई और उल्टियां होने लगीं। जब उन्होंने शोर मचाया तो परिजन पहुंचे और सभी बच्चों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां एक बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे फरीदकोट रेफर किया गया है। एसएमओ डाक्टर एरिक ने बताया कि प्वाइजनिंग जैसे लक्षण मिले हैं। हालांकि सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर है। सभी का उनका इलाज किया जा रहा है। 6 बच्चे सिविल अस्पताल में भर्ती हैं। बाकी के बच्चों को परिजन अन्य अस्पतालों में ले गए हैं। खेल रहे थे बच्चे, बादाम समझ खा गए रतनजोत जानकारी के अनुसार, गांव मुरादवाला दल सिंह के खेल मैदान में कुछ बच्चे रोजाना की तरह खेल रहे थे। इसी बीच बच्चे खेलते हुए पास में लगे रतनजोत नमक पौधों के पास पहुंच गए। यहां पर उन्होंने पौधे से एक फल को तोड़ा और बादाम समझ खा लिया। एक दूसरे को देख सभी फल खाने लगे, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि यह फल उन्हें स्वास्थ्य तौर पर खराब कर सकता है। कुछ समय बाद बच्चों की हालत बिगड़ने शुरू हो गई। जब उन्होंने शोर मचाया तो तुरंत पारिवारिक सदस्य मौके पर पहुंचे और उन्होंने बच्चों को इलाज के लिए विभिन्न अस्पतालों में दाखिल करवाया है। कुछ बच्चे अरनीवाला के निजी अस्पताल, कुछ अबोहर और कुछ को फाजिल्का के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। फूड प्वाइजनिंग जैसे लक्षण दिखे- एसएमओ सरकारी अस्पताल फाजिल्का के एसएमओ डाक्टर एरिक ने बताया कि फाजिल्का के गांव मुरादवाला दल में कुछ बच्चे स्थानीय खेल मैदान में खेल रहे थे कि इसी दौरान बच्चों द्वारा मैदान के पास लगे एक पौधे के फल खा लिए गए । उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया। उन्होंने बताया कि करीब सात बच्चों को फाजिल्का के सरकारी अस्पताल में लाया गया। जिनमें फूड प्वाइजनिंग जैसे लक्षण दिखाई दे रहे थे। हालांकि 7 में से एक ही हालत गंभीर देखते हुए उसे फरीदकोट मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जबकि बाकी 6 बच्चों का इलाज यहीं किया जा रहा है। जानिए रतनजोत क्या है… रतनजोत आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जिसे मुख्य रूप से इसके गहरे लाल रंग और औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। इसे अंग्रेजी में अल्केनेट जड़ कहा जाता है और इसका वैज्ञानिक नाम अल्काना टिंक्टोरिया है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। इसे नारियल तेल में मिलाकर लगाने से घाव, खुजली और त्वचा के संक्रमण में आराम मिलता है। यह बालों को प्राकृतिक चमक देने और जड़ों को मजबूत करने के लिए तेलों में मिलाया जाता है। यह सफेद बालों को प्राकृतिक रूप से हल्का रंग देने में भी मदद करता है। औषधी होने के बाद भी रतनजोत जहरीला… रतनजोत में पायरोलिज़िडिन अल्कलॉइड्स पाए जाते हैं। ये रसायन लिवर के लिए बेहद जहरीले हो सकते हैं। अगर इसे अधिक मात्रा में या लंबे समय तक खाया जाए, तो यह लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है और ‘वेनो-ओक्लूसिव डिजीज’ (लिवर की नसों का बंद होना) का कारण बन सकता है। कुछ शोध बताते हैं कि इसका गलत तरीके से सेवन रक्त संचार को प्रभावित कर सकता है, जिससे फेफड़ों या हृदय से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। अगर इसे बिना शुद्ध किए या गलत मात्रा में खाया जाए, तो उल्टी, दस्त, जी मिचलाना और पेट में ऐंठन जैसी समस्याएं तुरंत हो सकती हैं।
