नमस्कार जयपुर में दशहरा मेला के मंच पर जब तक मंत्रीजी थे, मर्यादा बनी रही। मंत्रीजी के जाते ही ‘मुन्नी बदनाम हुई’ पर डांस हुआ। जयपुर के RUHS हॉस्पिटल में मरीजों को बिस्किट बांटकर फोटो खिंचाई गई, फिर बिस्किट वापस ले लिया गया। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के एपिसोड में… 1. सांड को कुचलने वालों का लेडीज गाउन में जुलूस आदमी से ज्यादा हिंसक कोई नहीं। सीकर में बाराती बोलेरो लेकर आए थे। एक सांड ने गाड़ी को टक्कर मार दी। ड्राइवर ने उतरकर देखा तो आगे का कुछ हिस्सा डैमेज था। बारातियों का पारा चढ़ गया। सांड से बदला लेने का फितूर चढ़ा। गांव में ही सांड एक गली में जाता दिख गया। बदमाशों ने सांड के पीछे कार दौड़ाई। टक्कर मारकर गिराया और कार से कुचल दिया। पूरे इलाके में क्रोध फैल गया। जानवर का कसूर क्या इतना बड़ा था कि उसकी जान ले ली जाए? बात पुलिस तक पहुंची। पुलिस निकली बारातियों की तलाश में। दो बदमाश महिलाओं के गाउन पहनकर खेत में घुस गए। उन्हें वहीं से उसी हालत में निकाला और सिर मूंड दिए। जमकर कूटा। लेडीज गाउन में ही पुलिस ने दोनों बदमाशों की सरे-बाजार ‘बारात’ निकाल दी। लोगों ने दिल खोलकर पुलिस की जय-जयकार की। 2. कैंसर पीड़ित को बिस्किट देकर फोटो खिंचाई, पैकेट वापस लिया स्वार्थ की भी हद है। नेकी कर कुछ लोग दरिया में डाल देते हैं। कुछ लोगों को नेकी की भी पब्लिसिटी करनी होती है। नेकी करते हुए फोटो क्लिक हो जाए तो बात ही क्या। सोशल मीडिया पर शेयर किया जाएगा। लोग गुणगान करेंगे। आरती उतारेंगे। छवि चमकेगी। जयपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं का एक दल RUHS हॉस्पिटल पहुंच गया। एक-एक केला और एक-एक बिस्किट बांटा जाने लगा। इस दौरान एक महिला मरीज को ‘भामाशाह’ महिला ने बिस्किट का पैकेट दिया। अपने साथी से फोटो खिंचवाया। इसके बाद मरीज से बिस्किट का पैकेट वापस ले लिया। ये मैडम बगल में केला लेकर भी चल रही थीं। वीडियो 23 सितंबर का था लेकिन गांधी जयंती के बाद अचानक सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। एक यूजर ने लिखा- कैंसर पीड़ितों के दर्द को मार्केटिंग के लिए भुनाना कैसे पच रहा होगा? 3. मंत्रीजी के जाने के बाद ‘मुन्नी बदनाम हुई’ जयपुर में प्रतापनगर विकास समिति ने दशहरा मेला कार्यक्रम किया। गृह राज्यमंत्री जवाहर बेढम और पूर्व सांसद रामचरण बोहरा को बुलाया। दोनों नेता आए। कार्यक्रम चला। कार्यक्रम की मर्यादा बनी रही। मंत्रीजी और पूर्व सांसद के रवाना होने के बाद आयोजकों ने डांसर को बुलाया। डांसर ने ‘मुन्नी बदनाम हुई’ पर फूहड़ डांस किया। इसके बाद लोगों ने हूटिंग कर दी। डांस कार्यक्रम रोकना पड़ा। एक कार्यकर्ता ने कहा- भगवान राम के नाम पर हजारों की भीड़ इकट्ठा कर अश्लील डांस दिखाया। विरोध जताया तो आयोजकों ने गाली-गलौज और मारपीट कर दी। इधर संयोजक ने सफाई दी- दो-चार गानों पर डांस करवाया था। सालाना प्रोग्राम करवाते हैं। ताकि लोगों का मनोरंजन हो। इसमें क्या अश्लील और कैसी अश्लीलता? कुछ लोगों को सफल आयोजन पचता नहीं। सोशल मीडिया पर वीडियो आया तो लोगों ने मंत्रीजी की भी खिंचाई की। लिखा- मुन्नी से ज्यादा मंत्रीजी बदनाम हुए। 4. चलते-चलते.. वे समाजवादी नेता थे। मजदूरों के मसीहा थे। आजादी की लड़ाई लड़ने के बाद उन्होंने समाजवाद का झंडा बुलंद किया। बीकानेर के लिए लड़े। दो बार विधायक रहे। नाम था मुरलीधर व्यास। बीकानेर रेलवे स्टेशन के सामने उनकी मूर्ति। एक दिन अचानक क्रेन आई। कुछ लोग आए। गले में जंजीर डालकर मूर्ति हटाने की कोशिश हुई। चबूतरे को तोड़ा गया। यह खबर पूरे बीकानेर में आग की तरह फैली। लोग जुट गए। रेलवे से सवाल किया। जवाब मिला कि हमने तो किसी को वर्क ऑर्डर ही नहीं दिया। मूर्ति जहां की तहां। बीजेपी और कांग्रेस के नेता मूर्ति को बचाने के लिए एक मंच पर आ गए। दोनों ने एक स्वर में कहा- अगर मूर्ति हटाई तो आंदोलन हो जाएगा। मजे की बात ये कि मुरलीधर व्यास न बीजेपी में रहे और न कांग्रेस में। वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…
