बाड़मेर मेडिकल कॉलेज परिसर में तैयार 520 बेड का हॉस्पिटल 6 माह बाद मरीजों के लिए खुलेगा। अब जिला मुख्यालय पर मरीजों के लिए हजार से अधिक बेड की सुविधा होगी। पहले से जिला अस्पताल में संचालित 627 बेड तथा कॉलेज के नए हॉस्पिटल में 520 बेड की सुविधा होगी। नए बने हॉस्पिटल व जिला अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए जरूरी उपकरणों की व्यवस्थाओं का आकलन करने जोधपुर मेडिकल कॉलेज की 5 सदस्यीय टीम मंगलवार को पहुंची। टीम के डॉ. विजय वर्मा, डॉ. सावित्री शर्मा, डॉ. अमित सागर, डॉ. विहान चौधरी, डॉ. किशोर खत्री की ओर से कॉलेज के नए हॉस्पिटल में कैथ लैब, एमआरआई, सीटी स्कैन, सेंट्रल लैब, वार्डों में इक्विपमेंट, मरीजों के बैठने की व्यवस्था सहित बिंदुओं पर गहन जांच कर रिपोर्ट बनाई गई है, जो जोधपुर मेडिकल कॉलेज के मार्फत सरकार को भेजी जाएगी। प्राचार्य अनूपसिंह गुर्जर की ओर से उपकरणों सहित जरूरी सामान व व्यवस्था को देखते हुए राजमेस को 90 करोड़ का प्रोजेक्ट बनाकर भेजा गया था। राजमेस व एनएमसी की ओर से जोधपुर मेडिकल कॉलेज की टीम को नए हॉस्पिटल व अस्पताल में पुराने व नए उपकरणों के गैप एनालिसिस के लिए भेजा गया था। टीम ने सुबह 11 से दोपहर 2:30 बजे तक कॉलेज के नए हॉस्पिटल व जिला अस्पताल का बारीकी से निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की है। ऐसे में अब नए हॉस्पिटल के लिए जल्द उपकरणों व जरूरी सामान की खरीद होगी। कॉलेज परिसर में 520 बेड के नए हॉस्पिटल का सिविल वर्क करीब पूरा हो गया है। अब फिनिशिंग सहित कुछ छोटे-मोटे काम शेष हैं। अब बारीकी के काम शुरू किए जा रहे हैं। उपकरणों व फर्नीचर की व्यवस्था भी साथ-साथ जारी है। आने वाले 6 महीने में हॉस्पिटल शुरू हो जाएगा। विभागाध्यक्षों से यूनिट में जरूरी उपकरणों व वार्डों की व्यवस्था को लेकर रिपोर्ट मांगी गई है। 6 माह बाद गायनिक व पीडिया विभाग को छोड़कर सभी नए हॉस्पिटल में शिफ्ट होंगे नए हॉस्पिटल के खुलने के साथ जिला अस्पताल में गायनिक व पीडिया विभाग को छोड़कर सभी विभागों को शिफ्ट किया जाएगा। एमसीएच विंग में पीडिया विभाग तथा न्यू टीचिंग बिल्डिंग व पुरानी बिल्डिंग में गायनिक विभाग संचालित होंगे। अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड के साथ मेडिसिन ओपीडी की व्यवस्था होगी। आईसीयू में गायनिक व पीडिया के मरीजों के साथ अन्य गंभीर मरीजों की भी व्यवस्था होगी। सेटेलाइट अस्पताल की भांति यहां गायनिक व पीडिया के साथ इमरजेंसी चलेगी। टोकन सिस्टम से मरीज देखने की प्रक्रिया होगी ^मिशन स्माइल ऑन चेयर व क्यू मैनेजमेंट सिस्टम जैसी सरकार की योजनाएं नए हॉस्पिटल में प्रारंभ की जाएंगी। प्रत्येक मरीज व उसके रिश्तेदार को बैठने की व्यवस्था होगी। टोकन सिस्टम से मरीज को देखने की प्रक्रिया लागू की जाएगी। कैफेटेरिया की सुविधा मिलेगी। जोधपुर मेडिकल कॉलेज की 5 सदस्यीय टीम की ओर से कॉलेज के नए हॉस्पिटल व जिला अस्पताल में गैप का एनालिसिस किया गया है। रिपोर्ट जोधपुर कॉलेज के जरिए सरकार को भेजी जाएगी। — डॉ. अनूपसिंह गुर्जर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज बाड़मेर
