जोधपुर की डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयुर्वेद यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले स्टूडेंट की बनी दवाइयां अब आने वाले समय में प्रदेश के सरकारी हॉस्पिटलों से लेकर बाजार के स्टोर पर भी मिल सकेगी। इसको लेकर आयुर्वेद यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. गोविंद सहाय शुक्ल की ओर से पहल की गई है। उन्होंने बताया- औषधियों की मांग दिनों दिन बढ़ रही है। ऐसे में अब आयुर्वेद यूनिवर्सिटी में औषधियों के निर्माण पर काम किया जा रहा है। वर्तमान में यहां की यूनिवर्सिटी में ड्रग टेस्टिंग लेबोरेट्री में कई दवाइयां तैयार की जा रही है। आने वाले समय में यहां से प्रदेश भर में औषधियों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से बनाया जाएगा। ऐसे में आने वाले समय में यही की बनी औषधियों को लोग बाहर बाजार से भी खरीद सकेंगे। क्योंकि आयुर्वेद में लिखा है कि यदि कोई औषधि जिसका निर्माण सही या गुणवत्तापूर्ण तरीके से नहीं हुआ है तो वो आपको नुकसान भी पहुंचा सकती है। इसलिए इस पर भी काम किया जा रहा है कि कैसे अधिक से अधिक लोगों तक गुणवत्तापूर्वक औषधि पहुंचाई जाए। इसका प्रमुख फायदा ये होगा कि लोगों को सही ओर गुणवत्तापूर्ण औषधी मिल सकेगी। इससे कई बार आयुर्वेद के नाम पर नकली या कम गुणवत्ता की औषधी बिक्री पर लगाम लग सकेंगी। बाहर भी होगी पढ़ाई इतना ही नहीं देश से बाहर भी आयुर्वेद का प्रचार प्रसार हो, इसके लिए यूरोपियन आयुर्वेदिक एकेडमी के साथ MOU किया गया है। इसके तहत यूरोपियन यूनिवर्सिटी के साथ MOU किया गया है। ऐसे में वहां के स्टूडेंट भी अब आयुर्वेद की पढ़ाई कर सकेंगे।
