बांसवाड़ा में अवैध अफीम की तस्करी करने वाले युवक को दोषी मानते हुए कोर्ट ने एक साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।​ घटना 7 फरवरी 2022 की है, जिसमें विशिष्ट न्यायालय के न्यायाधीश राम सुरेश प्रसाद ने आज फैसला दिया। जानकारी के अनुसार- 7 फरवरी 2022 को लोहारिया थाना प्रभारी दशरथलाल मय जाब्ता करणपुर तिराहे पर नाकाबंदी कर रहे थे। इसी दौरान रात करीब 8:15 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि करणपुर गांव में गुलाबी शर्ट और काली पेंट पहने एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में घूम रहा हैं। ​​सूचना मिलते ही पुलिस टीम गांव की गलियों में पहुंची, जहां मुखबिर के बताए हुलिए के अनुसार आरोपी पदमजी पाटीदार (43) पुत्र रूपेंग पाटीदार निवासी करणपुर दिखाई दिया। पुलिस को देखते ही वह तालाब की ओर भागने लगा, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा। ​जेब से निकली थी 180 ग्राम अफीम
​तलाशी में जेब से एक थैली मिली। जब इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन किया गया, तो उसमें 180 ग्राम अवैध अफीम पाई गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। ​कोर्ट ने माना तस्करी का दोषी
​मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक योगेश सोमपुरा ने पैरवी की और गवाह व साक्ष्य पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम सुरेश प्रसाद ने आरोपी पदमजी पाटीदार को अवैध मादक पदार्थ की तस्करी का दोषी पाया। कोर्ट ने उसे एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।