बांसवाड़ा जिले के हाड़खरा पटेल समाज ने बढ़ती महंगाई और समाज में फैल रही अनावश्यक दिखावे की परंपराओं के खिलाफ बड़ा सामाजिक सुधार अभियान शुरू किया है। समाज ने शादी-ब्याह, प्री-वेडिंग शूट, हल्दी रस्म पर स्टेज प्रोग्राम, आतिशबाजी और शोक संस्कार जैसी रस्मों पर रोक लगाते हुए नई सामाजिक संहिता लागू की है। यह निर्णय हाल ही में हुई समाज की आम सभा में लिया गया, जिसमें युवा और वरिष्ठ दोनों पीढ़ियों ने एकमत होकर पारंपरिक संस्कारों को सादगी और सामाजिक समानता की दिशा में मोड़ने का संकल्प लिया। इन नियमों का पालन नहीं करने पर दंड दिया जाएगा। समाज की आम सभा में हुआ फैसला समाज अध्यक्ष भारत सिंह गोयल बोदला और प्रमुख हीरालाल सागडोद ने बताया कि समाज में अनावश्यक खर्चों और आधुनिक दिखावे की प्रवृत्ति को रोकने के प्रयास 1982-83 से चल रहे हैं। 22 सितंबर को समाज की आम सभा में कई अहम निर्णय लिए गए। इन कुरीतियों पर प्रतिबंधों और निर्णयों की प्रति प्रत्येक घर तक पहुँचने के लिए समाज जनों की एक कमेटी बनाई गई हैं, जो गांवों में पहुंचकर बैठक कर लोगों तक पहुँचा रहे हैं। क्यों लिया गया यह फैसला बढ़ती महंगाई और फिजूलखर्ची को ध्यान में रखते हुए हाड़खरा पटेल समाज ने यह निर्णय लिया है। समाज के बुज़ुर्गों और युवाओं का मानना है कि आजकल शादियों में दिखावे की होड़ इतनी बढ़ गई है कि लोग अपनी सामर्थ्य से अधिक खर्च करने लगे हैं। पारंपरिक सादगी की जगह अब भव्यता और ट्रेंड्स ने ले ली है। लाखों रुपये सिर्फ प्री-वेडिंग शूट्स, डेस्टिनेशन वेडिंग्स, आतिशबाजी और स्टेज प्रोग्राम्स पर खर्च किए जा रहे हैं। कई परिवार इस सामाजिक दबाव के चलते कर्ज़ में डूब जाते हैं। इसी अनावश्यक दिखावे और आर्थिक असमानता को रोकने के लिए समाज ने नई सामाजिक संहिता लागू की है, ताकि हर वर्ग का व्यक्ति गरिमा और सादगी के साथ समाज की मुख्यधारा से जुड़ा रह सके। महंगाई के दौर में सादगी का संदेश समाज के उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार पटेल ने कहा – समाज में कुछ ऐसी कुरीतियां और रिवाज हैं जिनकी आज की तारीख में कोई जरूरत नहीं है। महंगाई चरम सीमा पर है, इसलिए समाज के युवाओं, वरिष्ठों और पंचों ने मिलकर निर्णय लिया है कि हर व्यक्ति सामाजिक मुख्यधारा से जुड़ा रहे और अनावश्यक खर्च से बचा जाए। समाज के इस निर्णय का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर तबके को राहत देना और सामाजिक समानता को बनाए रखना है। गांव-गांव पहुंच रही जागरूकता टीम निर्णयों की जानकारी हर घर तक पहुंचाने के लिए गांव-गांव जाकर समझाने का अभियान चल रहा है। इस कमेटी के सदस्य हीरालाल पटेल ने बताया – वरिष्ठ और युवा मिलकर गांव-गांव जाकर पोस्टर और बैठकों के माध्यम से समाज को जागरूक कर रहे हैं। हर व्यक्ति से इन नियमों का पालन करने की अपील की जा रही है। समाज की आबादी और संरचना बांसवाड़ा जिले में करीब 2500 मकान और लगभग 12 हजार की आबादी हाड़खरा पटेल समाज की है, जो 35 से अधिक गांवों में निवासरत हैं। सागडोद गांव में समाज के पोस्टर का विमोचन कर इस अभियान की शुरुआत की गई। नशा मुक्त समाज की संकल्पना किसी भी सामाजिक कार्यक्रम जैसे शादी, पार्टी, सुख-दुःख में किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं किया जायेगा और न ही करवाया जायेगा। सख्त पालन और दंड का प्रावधान उपर्युक्त नियमों का पालन करवाने की जिम्मेदारी संबंधित गाँव वालो की रहेगी। इन नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित, समाज का गुनाहगार रहेगा साथ ही समाज के पंचो द्वारा आर्थिक दण्ड का जो निर्णय लिया जायेगा वह अंतिम व मान्य रहेगा। कार्यक्रम में रहे उपस्थित सागडोद गांव में हुए पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में अध्यक्ष भारत सिंह गोयल बोदला, सचिव फतेहसिंह पटेल, नाहरसिंह पटेल, कालूसिंह पटेल, महेंद्र कुमार पटेल, भगवती सिंह बांसला, गौतम पटेल, नारेंग पटेल, वालेंग पटेल और खोमा पटेल सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
