बहरोड़ के गांव अनंतपुर स्थित महाराणा प्रताप रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर (MPRTC) में मंगलवार को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) का 57वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीआईजी एवं प्रिंसिपल आनंद सक्सेना रहे। उन्होंने समारोह के दौरान जवानों की परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। CISF की टुकड़ी ने अनुशासन और समर्पण का प्रदर्शन किया कार्यक्रम की शुरुआत परेड से हुई, जिसमें प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे जवानों और सीआईएसएफ की टुकड़ी ने अनुशासन और समर्पण का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर डीआईजी प्रिंसिपल आनंद सक्सेना ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षा, अनुशासन और समर्पण सीआईएसएफ की पहचान हैं। उन्होंने हर जवान को इन मूल्यों को अपने कर्तव्य का हिस्सा बनाकर देश सेवा के लिए तत्पर रहने का आह्वान किया। 10 मार्च 1969 से औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का जिम्मा डीआईजी सक्सेना ने बताया-सीआईएसएफ की स्थापना 10 मार्च 1969 को देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के उद्देश्य से की गई थी। समय के साथ बल की जिम्मेदारियां और दायरा लगातार बढ़ता गया, और आज सीआईएसएफ देश की आंतरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 361 प्रतिष्ठानों का जिम्मा संभाल रही सीआईएसफ उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में सीआईएसएफ देशभर में 361 से अधिक महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहा है। इनमें परमाणु संयंत्र, अंतरिक्ष प्रतिष्ठान, इस्पात एवं ऊर्जा संयंत्र, मेट्रो रेल, हवाई अड्डे, बंदरगाह, ऐतिहासिक धरोहरें तथा सरकारी और निजी संस्थान शामिल हैं। देश की सुरक्षा के लिए बताया अहम डीआईजी सक्सेना ने कहा-यह पूरे बल के लिए गर्व का विषय है कि देश के लाखों नौजवान सीआईएसएफ में शामिल होकर देश की सुरक्षा में अपना योगदान दे रहे हैं। उन्होंने जवानों के अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को देश को सुरक्षित बनाए रखने में अहम बताया। गौरवशाली इतिहास को किया याद इस अवसर पर अधिकारियों और जवानों ने सीआईएसएफ के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए देश सेवा के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने का संकल्प लिया। समारोह में अन्य अधिकारी और स्टाफ भी मौजूद रहे।
