राजस्थान के बाजारों में अगर आप कोई खाद्य पदार्थ खरीद रहे हैं तो थोड़ा सतर्क रहें, क्योंकि मिलावटी या खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री का चलन बहुत ज्यादा बढ़ गया है। राजस्थान में फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 2 सालों में डिपार्टमेंट ने प्रदेशभर में जितने भी सैंपल लिए, उनकी जांच की तो उनमें से 24 फीसदी से ज्यादा या तो तय मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए या फिर वे पूरी तरह से खाने लायक ही नहीं थे, यानी फेल हो गए। राज्य सरकार ने रिपोर्ट में बताया- जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 तक प्रदेशभर के सभी 41 जिलों से कुल 31,347 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए, जिनमें से 7,653 सैंपल जांच में अमानक पाए गए। इनमें 273 सैंपल जांच में ऐसे मिले जो मिसब्रांडेड थे, यानी उन उत्पादों में बताया गया कंटेंट था ही नहीं। इसी तरह 6,625 सैंपल सब-स्टैंडर्ड पाए गए। सब-स्टैंडर्ड का मतलब है कि उत्पाद में बताया गया कंटेंट उतनी मात्रा में नहीं है, जितना बताया गया है। वहीं 755 सैंपल बिल्कुल ही फेल हो गए, यानी उन्हें खाने लायक नहीं माना गया और घातक श्रेणी में रखा गया। अलवर, बहरोड़ में सबसे ज्यादा खराब हालात क्षेत्रवार स्थिति देखें तो अलवर, कोटपूतली, बहरोड़, खैरथल, तिजारा और इनके आसपास के इलाकों में सबसे ज्यादा मिलावटी सामान मिलता है। अलवर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ इन तीनों जिलों में पिछले दो सालों में 2094 सैंपल लिए गए, जिनमें से 674 सैंपल अमानक पाए गए, यानी करीब 32 फीसदी। इस इलाके में सबसे ज्यादा मिलावटी और नकली पनीर के अलावा अन्य दुग्ध उत्पाद, खाद्य तेल और घी का उत्पादन होता है। छोटे जिले, लेकिन मिलावट सबसे ज्यादा राजस्थान के कुछ छोटे और दूरदराज के जिले भी ऐसे हैं जहां मिलावट के मामले सबसे ज्यादा मिले हैं। इनमें बारां, बाड़मेर, डूंगरपुर, कोटा, राजसमंद, सिरोही और टोंक शामिल हैं। इनके अलावा अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ ऐसे जिले हैं, जहां मिलावट का प्रतिशत 30 फीसदी से भी ज्यादा मिला है। सबसे ज्यादा सैंपल फलोदी जिले में फेल हुए हैं, जहां 35 फीसदी से ज्यादा सैंपल फेल निकले हैं। — अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्या को दैनिक भास्कर एप के सिविक इश्यू में पोस्ट करना के लिए क्लिक करें। — ये खबर भी पढ़ें क्या आपके बच्चे खा रहे हानिकारक खाना?:समोसा-कचौरी जैसे स्ट्रीट फूड के 41.3% सैंपल फेल, दिमाग को नुकसान पहुंचाने वाले रंगों का इस्तेमाल दिसंबर 2025 में फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने राजस्थान में ईट राइट ड्राइव चलाया। इसमें केक, पेस्ट्री, चिप्स, चॉकलेट, नूडल्स और स्ट्रीट फूड सहित 670 सैंपल की जांच की गई। (पूरी खबर पढ़ें)
