राजस्थान के जैसलमेर में मंगलवार को बस में आग लगने की घटना का पहला वीडियो सामने आया है। आग लगने के बाद बस में सवार लोग चिल्लाने लगे। आग बस के पीछे वाले हिस्से में लगी थी। बचने के लिए झुलसे लोग खिड़कियों से कूदे। वहीं इस मामले में एक और चश्मदीद सामने आया है। चश्मदीद जितेंद्र स्वामी ने बताया कि इस हादसे में महिलाओं के कपड़े पूरी तरह से जल गए थे। लाज-शर्म के चलते वे एम्बुलेंस में नहीं जा रही थीं। हमने आस-पास से कपड़े मंगवाकर उनका शरीर ढंका। वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि आग बस के पिछले हिस्से में लगी थी। कुछ ही सेकेंड में यह आग पूरी तरह से बस में फैल गई। आग से बचने के लिए ऊपर और नीचे स्लीपर में बैठे यात्रियों ने शीशे तोड़े। यहां से बच्चों को नीचे फेंका। जैसलमेर से जोधपुर लौट रही एसी बस में मंगलवार दोपहर आग लग गई थी। हादसे ने 21 लोगों की जान ले ली। 14 गंभीर घायलों का जोधपुर में इलाज जारी है। पहले देखिए, 3 PHOTOS… जलते हुए बाहर निकले, चलते-चलते गिरा युवक
आग लगने के बाद बस में भगदड़ मच गई। यात्री बचने के लिए बाहर निकलने की कोशिश करते रहे। लेकिन दरवाजा लॉक हो गया था। जैसे-तैसे यात्री जलते हुए बाहर निकले। एक युवक बुरी तरह से झुलस गया था। बस से उतरा तो उसके कपड़े जले हुए थे। वह बस से लड़खड़ाता हुआ कुछ दूरी पर आया। वह इतना घायल हो चुका था कि चलते-चलते गिर गया। इमरजेंसी गेट छोटा था, मेन गेट नहीं खुला बस कंपनी की लापरवाही भी सामने आई है। इस बस में इमरजेंसी गेट सबसे पीछे था और बहुत छोटा था। जहां से लोगों का निकलना भी मुश्किल हो गया था। घायलों के परिजन ने ये भी दावा किया कि आग लगने के बाद भी ड्राइवर ने बस नहीं रोकी। वहीं मेन गेट भी लॉक था। यदि ड्राइवर बस रोक देता और गेट खुल जाता तो कई जान बचाई जा सकती थी। महिलाओं के कपड़े जल गए, तन ढंकने का प्रयास कर रही थीं हादसे ने प्रत्यक्षदर्शियों को भी झकझोर दिया है। थाईयत गांव से जैसलमेर की ओर कार से आ रहे जितेंद्र स्वामी की आंखों में अभी भी नमी है। उनका कहना है- उस सीन को मैं कभी नहीं भूल सकता। झुलसे यात्री जान बचाने के लिए चलती बस से कूदे। जितेंद्र स्वामी ने बताया- हादसा भीषण और भयावह था। आग से महिलाओं के कपड़े जलकर उनकी चमड़ी से चिपक चुके थे। बुरी तरह झुलसी महिलाएं बिना कपड़ों के अपने जले हुए शरीर को बचाने की कोशिश कर रही थीं। हमने आस-पास से कपड़े जुटाए और उन्हें ढककर एम्बुलेंस तक पहुंचाया। उस सीन ने हमें व्यथित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शी कस्तूर सिंह ने बताया- धमाके की आवाज सुन मैं मौके पर पहुंचा। बस से चार से पांच महिलाएं जलती हुई नीचे उतरीं। उनके कपड़े जल गए थे। लाज-शर्म के चलते वे सड़क किनारे झाड़ियों में छिप गई थीं। हम लोगों ने चद्दर और दूसरे कपड़े उन पर डाले। कुछ महिलाएं बस में थीं, उनके कपड़े जल चुके थे। लेकिन वे लाज की वजह से बाहर नहीं निकल पाईं। स्लीपर बस अपने चौथे फेरे में जली
पुलिस की जांच में सामने आया कि केके ट्रैवल्स की जिस स्लीपर बस में आग लगी थी, उसका रजिस्ट्रेशन एक अक्टूबर को ही हुआ था। बस को 9 अक्टूबर को ऑल इंडिया परमिट मिला था। मंगलवार को इसकी महज चौथी ट्रिप थी। जैसलमेर से मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे जब ये बस निकली, तब उसमें 40 सवारियां थीं। रास्ते में और सवारियां बस में बैठी थीं। लेकिन उसके कुछ मिनटों बाद ही जैसलमेर में वॉर मेमोरियल के पास भीषण हादसा हो गया। जवाहिर हॉस्पिटल में 10 साल से बर्न यूनिट बंद
जैसलमेर के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल में हालात बदतर हैं। जवाहिर हॉस्पिटल में 10 साल पहले बर्न यूनिट की स्थापना की गई थी, लेकिन यह तभी से बंद है। केवल कोरोना काल ही में इसको वार्ड की तरह इस्तेमाल किया गया था। उसके बाद से यूनिट के ताले लगे हैं। यही कारण है कि गंभीर झुलसे लोगों को यहां से जोधपुर रेफर कर दिया गया। — जैसलमेर बस अग्निकांड से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए- उपमुख्यमंत्रीजी, आपके बस में बिना चढ़े सुरक्षा गारंटी चाहिए:21 लाशें पूछ रही है उन हत्यारों को सजा कब, जो न सरकार को जानते हैं, न सिस्टम को राजस्थान बस अग्निकांड में 21 मौत, पहली FIR दर्ज:आज 10 साल के बच्चे ने दम तोड़ा, अब भी 4 मरीज वेंटिलेटर पर सीटों पर चिपक गई थीं 19 लाशें:आग लगते ही गैस चैंबर बन गई थी बस, एक्सपर्ट बोले- जिंदा जलने से पहले दम घुटा 40-लाख बचाने का जुगाड़,आग का गोला बन रही स्लीपर बसें:भास्कर को 50 से ज्यादा बसों में इमरजेंसी गेट बंद मिले; पर्दों की जगह शीशे-शटर थे जैसलमेर अग्निकांड, दिवाली मनाने घर जा रहा परिवार जिंदा जला:मां को नहीं बताई बेटे-बहू-पोते-पोतियों की मौत की खबर; DNA सैंपलिंग से होगी शवों की पहचान जलती बस से कूदकर दौड़े थे पैसेंजर्स,जले हुए बैठे रहे;VIDEO:महिला चिल्लाई यहां एक लेडीज है, पहले उन्हें ले जाओ, हिम्मत करो एम्बुलेंस तक तो चलो दिवाली मनाने घर जा रहे थे, बस में जले:झुलसे हुए बचाने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, जैसलमेर अग्निकांड की डराने वाली 16 PHOTOS 5 दिन पहले खरीदी थी बस, आग का गोला बनी:275-किमी ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 16 घायलों को जैसलमेर से जोधपुर भेजा, एक की रास्ते में मौत क्यों मौत की वजह बन जाती हैं स्लीपर बस?:पतली गैलरी हादसे के वक्त भागने का मौका नहीं देती, चीन 13 साल पहले कर चुका बैन आग लगते ही लॉक हो गया था बस का दरवाजा:चश्मदीद बोला-आर्मी ने JCB से गेट तोड़ा, अंदर लाशें थीं; नॉर्मल बस AC में मॉडिफाई थी पिता के सामने ही बस में जिंदा जले दो बेटे:साली और एक बच्चे को बाहर फेंका; परिजन बोले- मरीज को बैठाने के बाद एंबुलेंस में डीजल डलवाया राजस्थान में AC बस में आग, 20 यात्री जिंदा जले:15 लोग झुलसे; बचने के लिए चलती गाड़ी से कूदे लोग, जैसलमेर से जोधपुर जा रही थी Topics:
