12 दिन से नाबालिग बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस को अंदेशा है कि बच्चे उदयपुर के रास्ते मुंबई गए हैं ऐसे में, पुलिस की टीम परिजनों के साथ 4 दिन से मुंबई में है। कल्पेश, विपुल, अरमान और आशीष एक ही स्कूल में पढ़ते थे और स्कूल से ही गायब हो गए। विपुल की मां घर के बरामदे में बैठी रहती है। यही सोचती है कि अगर मेरा आएगा तो दौड़ कर उसे गले लगा लूंगी। वहीं, अरमान के पिता सूरत (गुजरात) में सिक्योरिटी गार्ड हैं। जब बेटे की गुमशुदगी की सूचना मिली तो उनके पास घर लौटने तक के रुपए नहीं थे। उन्होंने सैलरी मिली तब घर आ पाए। दैनिक भास्कर इन मासूमों के घर तक पहुंचा तो उनके परिजनों से बात की। मामला बांसवाड़ा के कलिंजरा थाना इलाके के कातरिया गांव का 13 नवम्बर का है। आज घटना को 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन बच्चों का कोई सुराग नहीं है। 13 नवंबर से चारों मिसिंग कलिंजरा SHO विक्रम सिंह ने बताया- कल्पेश (17),विपुल (15), अरमान (14) और आशीष (14) गांव बालवाड़ा के सरकारी स्कूल में पढ़ते थे। चारों 13 नवंबर के बाद से मिसिंग है। पुलिस की टीम नाबालिगों को ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि चारों मौज-मस्ती के लिए घर से भागे हैं। उन्हें जल्द ही ढूंढ लिया जाएगा। विपुल के पास अपने पिता का एंड्रॉइड फोन भी है। दैनिक भास्कर विपुल और अरमान के परिजनों के पास पहुंचा। कल्पेश और आशीष के परिजन उन्हें ढूंढने मुंबई गए हैं। मां बोली- बरामदे में बैठ कर उसकी राह देखती हूं विपुल की मां कंकु बाहर बैठी हुई थी। वो बताती हैं- सुबह उसे अपने हाथ से खाना खिलाया था। आज 12 दिन हो गए हैं, मुझे ये नहीं पता कि मेरे बेटे ने कुछ खाया या नहीं। वह मेरे बिना कुछ नहीं खाता था। अगर विपुल मुझे देख-पढ़ रहा हो तो मैं कहती हूं बेटा वापस आजा मैं तेरे बिना नहीं रह सकती। पडोसी बताते हैं- अपने बेटे के आने की आस में कंकु घर के बरामदे में बैठी रहती है। बेटा आएगा तो सबसे पहले उसे गले लगा लूंगी। सैलरी मिली तब गांव आ सके पिता 200 मीटर दूर अरमान का मकान है। उसके पिता विनोद उसके गुमशुदा होने के 4 दिन बाद आ पाए। विनोद के पिता कहते हैं- मैं सूरत में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता हूं। अरमान के गुमशुदा होने की जानकारी मेरे बड़े भाई ने दी थी। हमारा तो एक ही बच्चा है। वह बड़ी अपनी बहन के साथ दादा के पास रहता था। मेरे पास वापस आने की टिकट के पैसे ही नहीं थे। जब 17 को मुझे सैलरी मिली तो यहां बांसवाड़ा में गांव आ पाया। पुलिस के पास मुंबई जाने का इनपुट बता दें कि पुलिस की जांच के दौरान चारों नाबालिगों के मुंबई में होने के इनपुट मिले हैं। इस आधार पर पुलिस की एक टीम पहले से ही मुंबई क्षेत्र में उनकी तलाश कर रही है। सोमवार सुबह पुलिस के जवान और कुछ परिजन भी उन्हें ढूंढने के लिए मुंबई गए हैं। बांसवाड़ा में 4 स्कूली दोस्त 6 दिनों से गायब:उदयपुर की बस में जाते दिखाई दिए थे; पुलिस बोली- इनपुट के आधार पर टीम भेजी है बांसवाड़ा जिले के कलिंजरा थाना क्षेत्र से चार स्कूली दोस्त स्कूल जाने के बाद से लापता हो गए हैं। पुलिस ने चारों को ढूंढने के लिए एक टीम उदयपुर के लिए रवाना की है। (पढ़ें पूरी खबर)

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