ब्रज के सबसे त्योहार होली की शुरुआत बसंत पंचमी 23 जनवरी से प्रारंभ हो जाएगी। बसंत पंचमी पर होली का डांडा गाड़ने की परंपरा है, जिससे 40 दिन तक चलने वाले होली के उत्सव/फाग की शुरुआत हो जाएगी। ज्योतिषाचार्य रामभरोसी भारद्वाज ने बताया कि प्राचीन काल में इस दिन चौराहे पर सेम का पौधा गाड़ने की परंपरा रही है। अब लोग जलाऊ लकड़ी रख देते हैं, जिसकी पूजा करके फाल्गुन माह के आने और 40 दिवसीय आनंदमय होली की तैयारी का एलान हो जाता है। यह एक पुरानी परंपरा है, जो होली के आगमन और उसके निर्विघ्न संपन्न होने की खुशी और उम्मीद को दर्शाती है। शुभ मुहूर्त में इसे स्थापित करते हैं, जिससे फाग उत्सव शुरू हो जाता है। इस दिन से ही मंदिरों में भगवान को गुलाल अर्पित करने और भक्तों के साथ होली खेलने की परंपरा शुरू हो जाती है। इधर, बरसाना में लट्ठमार होली 25 फरवरी को मनाई जाएगी, जिसकी तैयारी प्रारंभ हो गई है। बरसाना और नंदगांव क्षेत्र की व्यवस्थाओं को लेकर बरसाना स्थित पीडब्ल्यूडी सभागार में एक अहम समन्वय गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और श्रद्धालुओं की आवाजाही को लेकर कड़ा और स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि सीसीटीवी कैमरा और लाउडस्पीकर सिस्टम का मुख्य कंट्रोल रूम पीडब्ल्यूडी सभागार में स्थापित किया जाएगा, जिससे पूरे आयोजन पर रियल-टाइम निगरानी रखी जा सके। श्रद्धालुओं के लिए तय रूट, बिना भटके होंगे दर्शन सभी श्रद्धालुओं का प्रवेश केवल श्रीजी गेट से होगा। श्रद्धालु कटरा पार्क, सुदामा चौक, दादी बाबा मंदिर, सिंहपौर गेट होते हुए श्रीजी के दर्शन करेंगे, जबकि जयपुर मंदिर की ओर से निकास मार्ग निर्धारित किया गया है। भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग कर छोटे-छोटे बॉक्स बनाए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को बॉक्स फॉर्मेशन में आगे बढ़ाया जाएगा। रंगीली चौक के आने-जाने वाले मार्गों पर आवागमन अत्यंत प्रतिबंधित रहेगा। बरसाना होली उत्सव की तैयारी, पुलिस के भी रहेंगे पुख्ता इंतजाम बरसाना में 60 बड़ी पार्किंग चिन्हित की गई हैं। पार्किंग के बाद श्रद्धालुओं को पैदल ही मंदिर दर्शन के लिए जाना होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जूता-चप्पल स्टैंड रोडवेज बस स्टैंड से पहले ही बनाए जाएंगे, ताकि दर्शन के बाद किसी को वापस मंदिर क्षेत्र में लौटना न पड़े। बरसाना–नंदगांव क्षेत्र को 7 जोन और 18 सेक्टर में विभाजित कर सुदृढ़ पुलिस व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। समन्वय गोष्ठी में अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ. अमरेश कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत, उप जिलाधिकारी प्राजक्ता त्रिपाठी, क्षेत्राधिकार गोवर्धन अनिल कुमार सिंह आदि ने मौका मुआयना भी किया। ये होंगी होली कार्यक्रम