पंजाब के बरनाला जिले में डिप्टी कमिश्नर टी. बेनिथ ने डीएसपी बरनाला, नायब तहसीलदार बरनाला और एसएचओ सदर को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के लिए नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में इन अधिकारियों की विफलता के बाद की गई है। ये अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पराली जलाने से रोकने के लिए तैनात थे। डिप्टी कमिश्नर ने गांवों के दौरे के दौरान पाया कि इन अधिकारियों के इलाकों में पराली जलाई गई थी। इसके परिणामस्वरूप, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। खेतों में आग लगाने से रोकने का प्रयास डिप्टी कमिश्नर टी. बेनिथ ने बताया कि जिला प्रशासन खेतों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इन प्रयासों के तहत जिला स्तर पर निरीक्षण दल गठित किए गए हैं, जो गांवों में सतत निगरानी, किसानों में जागरूकता और पराली प्रबंधन के लिए कृषि उपकरणों के उपयोग को सुनिश्चित करने का काम कर रहे हैं। विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी 24 घंटे खेतों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक पराली जलाने के 37 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, 37 किसानों के संपत्ति अभिलेखों (खसरा गिरदावरी में) में ‘रेड एंट्री’ दर्ज की गई है। इन घटनाओं में कुल 1.95 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं डिप्टी कमिश्नर ने चेतावनी दी कि कर्तव्य में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से ईमानदारी से काम करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि किसी भी खेत में आग न लगाई जाए। किसानों से भी सरकार द्वारा अनुदान पर उपलब्ध कराई गई मशीनों का उपयोग करके खेतों में ही पराली का प्रबंधन करने का आग्रह किया गया। विभिन्न गांवों के निरीक्षण के दौरान, डिप्टी कमिश्नर टी. बेनिथ ने कालेके और कोटदुना जैसे गांवों का दौरा किया। उन्होंने कई स्थानों पर लगी आग को बुझाने में अग्निशमन दल की मदद भी की। इस दौरान, एडीसी अनुप्रिता जोहल ने भी दानगढ़, उप्पली, भट्टल और हरिगढ़ गांवों का निरीक्षण किया।
