बरनाला की अनाज मंडी में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने एक महापंचायत का आयोजन किया। इसमें हजारों किसानों और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महापंचायत में केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ बड़े संघर्ष का ऐलान किया गया। किसान नेताओं जोगिंदर सिंह उगराहा और दर्शन सिंह ने केंद्र सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अमेरिका के दबाव में आकर ऐसे फैसले लिए हैं, जिनसे देश का किसान पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। नेताओं ने तर्क दिया कि अमेरिकी किसान साधन संपन्न हैं, जबकि भारतीय किसान उनसे किसी भी स्तर पर प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते, फिर भी अमेरिकी उत्पादों को भारत में बेचने की छूट दे दी गई है। बिजली विधेयक और नए बीज कानून का विरोध किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि प्रस्तावित नया बिजली विधेयक और नए बीज कानून पंजाब सहित पूरे देश के किसानों को बर्बादी की ओर धकेलेंगे। उन्होंने कहा कि इन कानूनों के खिलाफ एकजुट होना समय की मांग है। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का कानून नहीं बनता और उनकी सरकारी खरीद सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे। किसानों की सरकार को चेतावनी वक्ताओं ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली को एक जैसा बताया। उन्होंने कहा कि जुल्म के जरिए किसानों की आवाज नहीं दबाई जा सकती है। नेताओं ने संकल्प दोहराया कि दिल्ली आंदोलन की तरह इस बार भी किसान जीत हासिल करेंगे। उन्होंने सरकारों को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में और भी कड़ा संघर्ष किया जाएगा।
