बठिंडा जिले में रिपब्लिक डे के कार्यक्रम के दौरान लगाए 30 लाख रुपए की कथित रिश्वत के आरोपों ने पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है। बठिंडा में एक नगर काउंसिल के अध्यक्ष ने विधायक पर 30 लाख रुपए रिश्वत लेने के आरोप लगाए। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट डॉ. गौरव अरोड़ा ने इस पूरे प्रकरण की जांच की मांग करते हुए केंद्र सरकार की एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को औपचारिक शिकायत भेजी है। शिकायत में कहा गया है कि यदि इतने गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तो इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर आम जनता का भरोसा कमजोर हो सकता है। सार्वजनिक मंच से लगे आरोप एडवोकेट अरोड़ा का कहना है कि रिपब्लिक डे कार्यक्रम के दौरान नगर काउंसिल के अध्यक्ष ने विधायक पर 30 लाख रुपए लेकर उन्हें अध्यक्ष पद देने का आरोप लगाया। यह आरोप सामने आते ही कार्यक्रम में मौजूद लोग भी हैरान रह गए और कुछ ही देर में यह मुद्दा सोशल मीडिया और स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया। ईडी को भेजी गई शिकायत डॉ. गौरव अरोड़ा ने ईडी को भेजी गई शिकायत में कहा है कि यह मामला सिर्फ राजनीतिक आरोप–प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका भी बनती है। शिकायत में कथित ₹30 लाख की राशि के स्रोत, लेन–देन की प्रक्रिया और उसके उपयोग की गहन जांच की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि यदि यह रकम अवैध तरीके से एकत्र या उपयोग की गई है, तो यह सीधे तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग कानून के दायरे में आता है। शिकायत के साथ उन्होंने वीडियो भी ईडी को भेजा है। लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल डॉ. अरोड़ा का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में जांच नहीं होती, तो इससे आम जनता के बीच यह संदेश जाता है कि प्रभावशाली लोग कानून से ऊपर हैं। उन्होंने ईडी से निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
