बठिंडा में विभिन्न हिंदू संगठनों ने माइसरखाना गांव की मंदिर समिति के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने वाल्मीकि चौक के पास बठिंडा, तलवंडी साबो और मानसा को जोड़ने वाली सड़क को जाम कर दिया। उनकी मुख्य मांग मोड़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक के भाई और उनके साथियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की है। धरने पर बैठे संगठनों के नेताओं में महावीर दल संस्था के अध्यक्ष राजन गर्ग, विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष सुखपाल सिंह सरा और भाजपा शहरी के अध्यक्ष सरूप चंद सिंगला शामिल थे। उन्होंने बताया कि यह विरोध प्रदर्शन पुलिस द्वारा उनकी शिकायतों पर कार्रवाई न करने के कारण किया जा रहा है। जूते पहन कर मंदिर में घुसने का आरोप नेताओं ने आरोप लगाया कि नवरात्रि के दौरान जब माइसरखाना मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे थे, तभी विधायक के भाई और लगभग दो दर्जन युवक जूते पहनकर मंदिर में घुस गए। वे जूते प्रसाद वाले कमरे तक ले गए और मंदिर समिति के सदस्यों को चार घंटे तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान उनके साथ गाली-गलौज भी की गई और समिति के सदस्यों से अपने पदों से इस्तीफा देने को कहा गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह मंदिर पर कब्जा करने का प्रयास था। इस घटना के बाद, हिंदू संगठनों ने 6 अक्टूबर को बठिंडा के एसएसपी को एक ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, नेताओं का कहना है कि ज्ञापन सौंपने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिसके चलते उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने विधायक के भाई और अन्य साथियों के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज नहीं किया, तो आने वाले दिनों में पंजाब और भारत के अन्य हिस्सों से भी लोगों को विरोध प्रदर्शन में शामिल किया जाएगा। उन्होंने मौजूदा सरकार के विधायक के खिलाफ भी प्रदर्शन करने की बात कही।
