बठिंडा में कांग्रेस पार्टी के विपक्षी नेता प्रताप सिंह बाजवा ने अकाली दल और मौजूदा पंजाब सरकार पर निशाना साधा। बाजवा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि अकाली दल अब केवल लंबी पुलिस थाने तक ही सीमित रह गया है। उन्होंने टिप्पणी की कि अकाली दल इस उम्मीद में था कि गठबंधन होगा, लेकिन भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अब ‘छोटे भाई’ की भूमिका में नहीं, बल्कि ‘बड़े भाई’ की भूमिका में रहेगी। बाजवा ने भाजपा की ‘बड़े भाई’ की भूमिका को स्पष्ट करते हुए कहा कि जिस तरह हरियाणा में चौटाला, बिहार में नीतीश कुमार, महाराष्ट्र में ठाकरे और पवार तथा ओडिशा में पटनायक को कमजोर किया गया, उसी तरह अगर बादल परिवार तैयार है, तो उनके लिए भी यही स्थिति हो सकती है। जिनको सिपाही भी सल्यूट नहीं करता, उन्हें डीजीपी कर रहा है पंजाब सरकार पर हमला बोलते हुए बाजवा ने कहा कि राज्य में ‘बदलाव’ आया है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि जिन लोगों को पहले कभी सिपाही भी सैल्यूट नहीं करते थे, अब डीजीपी उन्हें सैल्यूट कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग पहले देर रात तक जागते थे, वे अब शाम 5 बजे ही सो जाते हैं, और शाम 5 बजे के बाद लोग घरों से बाहर नहीं निकल सकते। पहली बार ऐसा सीएम जिसके नाम में सिंह नहीं उन्होंने आगे कहा कि देश की आजादी के बाद पहली बार पंजाब में ऐसा मुख्यमंत्री आया है, जिसके नाम में ‘सिंह’ नहीं है और न ही वह दस्तार (पगड़ी) पहनता है। बाजवा ने इसे भी एक बड़ा बदलाव बताया। महिलाओं को 60 हजार क्यों नहीं दे रहे बाजवा ने महिलाओं प्रति माह एक हजार रुपए देने के वादा का भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक घोषणा बनकर रह गई है और महिलाओं को अभी तक कुछ भी नहीं मिला है। उन्होंने पूछा कि जब पंजाब की महिलाओं ने सरकार को पांच साल दिए हैं, तो उन्हें 60,000 रुपये क्यों नहीं दिए जा रहे हैं।
