बठिंडा में लगातार तीसरे दिन हुई बारिश से किसानों की गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी पकी हुई गेहूं की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर में लगातार बारिश के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ है। वहीं, खेतों में खड़ी फसल के बह जाने से किसानों की उम्मीदें टूट गई हैं। कई किसान अपनी बर्बाद हुई फसल को देखकर चिंतित हैं। किसानों गुरमीत सिंह, गुरमेल सिंह और जगजीत सिंह ने बताया कि पिछले एक हफ्ते से लगातार बारिश हो रही है, जिससे वे परेशान हैं। उन्होंने कहा कि जो फसल लगभग पक चुकी थी, वह पूरी तरह से खेतों में बह गई है। किसानों को करना पर रहा है भारी मुश्किलों का सामना बठिंडा के तलवंडी साबो क्षेत्र के कई गांवों में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली है। इन गांवों में हर खेत में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि इस साल उनकी फसल अच्छी होगी। वे इसे बेचकर अपने बच्चों की पढ़ाई की फीस और किताबों का खर्च उठा पाएंगे। हालांकि, मौजूदा स्थिति को देखते हुए उन्हें नहीं लगता कि कोई उनकी इस बर्बाद हुई गेहूं की फसल को खरीदेगा। किसानों ने अब सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने अपील की है कि सरकार अपने अधिकारियों को खेतों का मुआयना करने के लिए भेजे और फसल को हुए नुकसान के लिए उन्हें उचित मुआवजा प्रदान करे।