राज्य सरकार की ओर से पेश होने वाले बजट में बीकानेर के लिए कई घोषणाओं का इंतजार है। खेजड़ी बचाओ आंदोलन और गोचर बचाओ आंदोलन के बीच बीकानेर में पर्यावरण प्रेमियों के लिए कोई बड़ी घोषणा की जा सकती है। वहीं अब तक हुई घोषणाओं की क्रियान्विती नहीं होने के कारण नया बजट मिल सकता है। बीकानेर में जिन घोषणाओंका इंतजार है उसमें ड्रेनेज प्रोजेक्ट सबसे महत्वपूर्ण है। इस पर डीएलबी और वित्त मंत्रालय से उम्मीद की जा रही है। सिक्स लेन, पवनपुरी आरओबी और कोटगेट-सांखला फाटक के हालात भी लोग देख ही रहे हैं। वहीं गंगानगर सर्किल से करमीसर तिराहे के बीच अंडर पास या फिर ओवरब्रिज की मांग भी अब उठने लगी है। इस मार्ग पर अभी भारी ट्रेफिक है और शहर इस नेशनल हाइवे सड़क के दोनों और बसा हुआ है। सांखला-कोटगेट फाटक मुख्यमंत्री ने अपने बजट सत्र फरवरी 2024 में सांखला-रेलवे फाटकों के लिए 35 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था। इससे पूर्व अशोक गहलोत भी इसका ऐलान करके गए थे। इसमें करीब 35 बिल्डिंग अवाप्त करने की प्रक्रिया चल रही है। अभी भी ये काम अधूरा है। लालगढ़ आरओबी आखिरी फेज को पूरा करने के लिए 32 करोड़ का टेंडर हुआ। 16-16 करोड़ रेलवे और सरकार को देना था। रेलवे ने कुछ बजट दिया, मगर सरकार से जब कुछ नहीं मिला। तब कलेक्टर ने हस्तक्षेप करके 5 करोड़ रुपए दिलाए। अच्छी खबर ये है कि अब ये काम पूरा होने को है। हालांकि सर्विस रोड वगैरह का काम अभी बाकी है और माना जा रहा है कि आने वाले समय में ये कम कराने के साथ ही उदघाटन हो जाएग। सिक्स लेन म्यूजियम सर्किल से सिक्स लेनपूर्व सीएम अशोक गहलोत 2022 के बजट में ​33 करोड़ की लागत से म्यूजियम सर्किल से बीछवाल तक सिक्स लेन मंजूर करके गए। 90 से ज्यादा पेड़ और इतने ही बिजली के पोल रोड पर होने के कारण अटका है। 3 साल में ये मामला निस्तारित नहीं हुआ। वन विभाग ने पेड काटने के बदले जमीन मांगी और खंभे हटाने के लिए विद्युत विभाग ने भारी भरकम राशि मांगी है। बचे भाग में सिक्स लेन का काम चल रहा है। पवनपुरी आरओबी नागणेची मंदिर से रानीबाजार औद्योगिक क्षेत्र की ओर एक आरओबी बनाने की घोषणा मौजूदा सीएम ने 42 करोड़ रुपए मंजूर करके की। 622 मीटर लंबे और 15 मीटर चौड़े आरओबी की जीएडी बीती अगस्त में मंजूर हुई। एस्टीमेट 52 करोड़ का आया। इसका एलान मौजूदा सीएम ने ही की थी मगर वित्त मंत्रालय बीकानेर के तमाम प्रोजेक्ट में अडंगा लगा रहा है। समय पर ना तो राशि मंजूर करना ना प्रोजेक्ट आगे बढ़ पाते। ड्रेनेज प्रोजेक्ट सीएम ने शहर के ड्रेनेज के लिए 222 करोड़ की जगह 100 करोड़ दिए। वित्त मंत्रालय ने उसमें भी 41 करोड़ कम करके 59 करोड़ मंजूर किए। निगम ने टेंडर कर दिया। 5 महीने से फाइल डीएलबी से वित्त मंत्रालय के बीच घूम रही मगर वर्कआर्डर जारी नहीं हो रहा। अब वापस इस फाइल को आपदा प्रबंधन विभाग में मंगाया गया। बायोलॉजिकल पार्क 10 सालों से बीछवाल में बायोलॉजिकल पार्क बन रहा है। जैसे बैंक की किस्त दी जाती है वैसे सरकार इसके लिए पैसा दे रही है। जितना पैसा मिलता उतने का काम होता। हालात ये है कि 10 साल से ये प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया। उम्मीद है जल्द इसका उद्घाटन होगा। आयुर्वेद कॉलेज पिछली सरकार ने आयुर्वेद कॉलेज खोला। मौजूदा सत्ता के विधायकों ने जगह का विरोध किया तो जगह भी बदल दी। उसके लिए जमीन भी दे दी मगर उसका ​भी निर्माण शुरू नहीं हुआ। बाकी जगह एडमिशन भी होने लगे। बीकानेर में अभी तक निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ। बायोलॉजिकल पार्क, सिक्स लेन, ड्रेनेज, लालगढ़ आरओबी, आयुर्वे​द कॉलेज, सांखला-कोटगेट आरओबी के लटके हुए हैं 10 साल से काम बजट में आज संभावित घोषणाएं खाळों के लिए करीब 1000 करोड़ रुपए की मंजूरी मिल सकती है। अभी तक करीब 880 करोड़ मिल चुके। उसके वर्कआर्डर हो गए। चार बड़े जलाशयों के अधूरे कामों के लिए सरकार पैसा दे सकती है। रिंग रोड की घोषणा की संभावना। हल्दीराम प्याऊ से बाईपास तक फोर लेन सड़क का ऐलान संभव।