बाजार का खाना और जंक फूड बच्चों को बीमार कर रहा है। इतना ही नहीं, उम्र में बड़े लोगों को होने वाली बीमारियां बच्चों को होने लगी हैं। बच्चों के लिए जंक फूड कितना खतरनाक है। इसे लेकर डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट के हेड डॉ. मोहन मकवाना से दैनिक भास्कर ने बातचीत की। इसमें उन्होंने बताया- 100 में से 12 बच्चे जंक फूड की वजह से ब्लड प्रेशर (BP) और शुगर जैसी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। इनमें 7 से 8 साल तक के बच्चे भी शामिल हैं। जंक फूड में मिलाए जाने वाले केमिकल और आर्टिफिशियल कलर बच्चों की ग्रोथ पर भी असर डाल रहे हैं। इनकी वजह से बच्चों को ग्लूटेन (गेहूं) एलर्जी जैसी बीमारियां भी हो रही हैं। पढ़िए ये खास रिपोर्ट… सवाल-1: क्या होता है जंक फूड, जिसकी वजह से बच्चों में बीमारियां बढ़ रही हैं? जवाब: जंक फूड में ज्यादा तेल, शुगर और एडिबल कंटेंट के साथ एक्स्ट्रा कलर होता है। कई प्रोडक्ट्स ऐसे भी हैं, जिन्हें अल्ट्रा प्रोसेस्ड से गुजारा जाता है। इन सभी की वजह से उस खाने की न्यूट्रिशनल वैल्यू कम हो जाती है। ये केवल खाने में ज्यादा स्वादिष्ट लगता है। सवाल: 2: यदि बच्चे जंक फूड ज्यादा खाते हैं तो इसका क्या असर होता है? जवाब: पानी- यदि जंक फूड में यूज किया पानी साफ नहीं है तो इससे पेट में खराबी और डायरिया की शिकायत हो सकती है। ज्यादा शुगर और नमक- बच्चों के लिए ये दोनों खतरनाक हैं। इससे मोटापा, ब्लड प्रेशर या फैट ज्यादा बढ़ता है। केमिकल: जंक फूड में मिलाए जाने वाले केमिकल बच्चों में हड्डियों की ग्रोथ को रोकते हैं। ब्लड में इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ता है। कोल्ड ड्रिंक्स: बच्चों के लिए ज्यादा कोल्ड ड्रिंक्स भी खतरनाक है। इससे कैंसर का खतरा तक बढ़ने की आशंका रहती है। सवाल: 3: क्या जंक फूड से बच्चे बीमार हो रहे हैं? कितने बच्चे इस तरह की बीमारी के सामने आ रहे हैं? जवाब: जंक फूड के कारण 7 से 8 साल तक के बच्चों में शुगर और ब्लडप्रेशर जैसी बीमारियां आ रही हैं। 10 से 12 प्रतिशत बच्चे यानी 100 में से 10 से 12 बच्चे इन बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। सवाल: 4: बच्चों में खाने समेत दूसरी एलर्जी का भी कारण क्या जंक फूड हैं? जवाब: हां, इनमें डाले जाने वाले आर्टिफिशियल कलर एलर्जी के सबसे बड़े कारण हैं। इन बीमारियों से बच्चों को सामान्य खाने से जैसे ग्लूटेन एलर्जी का भी खतरा बढ़ रहा है। इसके अलावा पेट, स्किन, ब्लड के अलावा सांस में होने वाली सबसे बड़ी एलर्जी का भी ये ही कारण है। जंक फूड खाते ही यदि बच्चे को खांसी आ रही है तो ये भी एक तरह की एलर्जी है। सवाल: 5: जंक फूड में ऐसा क्या होता है कि बच्चों को शुगर और बीपी जैसी बीमारियां हो रही हैं? जवाब: एक्स्ट्रा ऑयल, शुगर और फैट, मोनो सोडियम ग्लूटामेट, एक्स्ट्रा सॉल्ट, प्रिजर्वेटिव, एनिमल फैट, कलरिंग एजेंट्स। सवाल: 6: क्या प्लास्टिक की बोतल में बिकने वाले पेय पदार्थ भी हानिकारक हैं? जवाब: हां, क्योंकि ये लंबे समय तक प्लास्टिक की बोतल में बंद रहते हैं। हम देखते भी हैं कि दुकानों के बाहर ये रखे जाते हैं। 46 डिग्री सेल्सियस टेम्प्रेचर में इसके माइक्रो प्लास्टिक कम्पोनेंट पेय पदार्थ में घुल जाते हैं। फिर हम इस टेम्प्रेचर के पेय पदार्थ को ठंडा करने के लिए फ्रिज में भी रखते हैं। ये कम्पोनेंट बच्चों की बॉडी को अंदर से डेमैज करते हैं। सवाल:7: कितने साल तक के बच्चों को जंक फूड से दूर रखना चाहिए? जवाब: वैसे जंक फूड सभी उम्र के लोगों के लिए खतरनाक है। बच्चों की बात की जाए तो ग्रोइंग ऐज यानी 18 साल तक के बच्चों को जंक फूड से दूर रखना चाहिए। इसका कारण ये है कि शुगर और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां जो बड़े उम्र के लोगों में होती थी, वे अब बच्चों में हो रही हैं। सवाल: 8: बच्चों के लिए हेल्दी फूड कौनसा होता है? जवाब: जिनमें पानी साफ हो, मिलावट बिल्कुल न हो, ऑयल को एक बार ही यूज करते हों। इसके अलावा जिनमें फैट, सॉल्ट और शुगर का कंटेंट कम हो। … यह खबर भी पढ़ें… हाईकोर्ट ने स्कूलों में जंक फूड पर रोक लगाई:कैंटीन और स्कूल गेट के 50 मीटर दायरे में बेचने पर बैन; हर महीने जांच करेंगे अफसर राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य की सभी स्कूलों की कैंटीन और स्कूलों के गेट से 50 मीटर दायरे में जंक फूड बेचने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य को लेकर संज्ञान लिया था। जस्टिस अनूप कुमार ढंढ की बेंच ने स्कूलों में जंक फूड बेचने और बढ़ते मोबाइल स्क्रीन टाइम पर चिंता जताई। (पूरी खबर पढ़ें)