फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) कार्यालय में फोर्टी यूथ विंग द्वारा इन्सोलवेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में एडवोकेट हेमंत कोठारी और प्रशांत अग्रवाल ने आईबीसी और एनसीएलटी विशेषज्ञ के तौर पर व्यापारियों को इन कानूनों के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। इस कार्यक्रम में फोर्टी यूथ विंग के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, उपाध्यक्ष सीए शैलेंद्र अग्रवाल, सचिव प्रशांत शर्मा, संयुक्त सचिव शशांक मित्तल और कौशल गर्ग सहित कई उद्यमियों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने बताया कि सरकार बैंकों से लिए गए व्यवसायिक ऋणों का भुगतान न करने वालों के खिलाफ इन कानूनों के माध्यम से सख्त कार्रवाई कर रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो व्यापारी बैंक का पैसा चुकाना चाहते हैं, लेकिन किसी तकनीकी खामी या अन्य कारण से ऋण की किस्त समय पर जमा नहीं करा पाए, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। आईबीसी और एनसीएलटी में ऐसे मामलों के लिए भी प्रावधान मौजूद हैं, लेकिन इसके लिए व्यापारियों का जागरूक होना आवश्यक है। फोर्टी यूथ विंग के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने बताया कि इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के व्यापारियों, विशेषकर युवा उद्यमियों को आईबीसी और एनसीएलटी के नए प्रावधानों के प्रति जागरूक करना था।
