पंजाब सरकार ने फाजिल्का में नई वार्डबंदी का नोटिफिकेशन वापस ले लिया है। यह कदम पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश और फटकार के बाद उठाया गया है। नई वार्डबंदी का विरोध कर रहे नगर परिषद अध्यक्ष और पार्षदों ने इस फैसले का स्वागत किया है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद नगर कौंसिल में एक बैठक बुलाई गई, जहां पार्षदों ने लड्डू बांटकर खुशी का इजहार किया। नगर परिषद अध्यक्ष एडवोकेट सुरिंदर सचदेवा ने बताया कि सरकार द्वारा नोटिफिकेशन वापस लेने का फैसला सभी पार्षदों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। नई वार्डबंदी को लेकर कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों ने जताई थी आपत्ति सचदेवा ने जानकारी दी कि नई वार्डबंदी को लेकर कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों ने आपत्ति जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि यह वार्डबंदी अपने चहेतों को अपने-अपने वार्ड में लाने के प्रयास के तहत की जा रही थी। उन्होंने कहा कि शहर के विकास और हित से जुड़े मामलों में सभी पार्षद पार्टी की राजनीति से ऊपर उठकर हमेशा एकजुट रहे हैं। प्रधान ने भाजपा प्रधान रमेश कटारिया की सराहना की, जिन्होंने इस मामले में रिकॉर्ड एकत्र करने और हाईकोर्ट तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सरकार ने प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया नगर कौंसिल अध्यक्ष सुरिंदर सचदेवा ने बताया कि जब वार्डबंदी की प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब नगर काउंसिल में एक प्रस्ताव पारित किया गया था कि यदि कानून के अनुसार नई वार्डबंदी संभव हो तो उसे किया जाए। हालांकि, सरकार ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और असमर्थता जताई। लेकिन सात दिन बाद एक पत्र आया जिसमें नई वार्डबंदी की घोषणा की गई। इस पर आपत्ति जताते हुए एक विशेष सत्र बुलाकर इस प्रस्ताव को रद्द करने की सिफारिश की गई थी।