पंजाब में गहराते नशे के मुद्दे को लेकर शिरोमणि अकाली दल (SAD) द्वारा चलाई जा रही ‘मावां-धीयां दी ललकार’ मुहिम के तहत शनिवार को लगातार दूसरे दिन फरीदकोट जिले में दो बड़ी रोष रैलियों का आयोजन किया गया। रैलियां जैतो स्थित गुरुद्वारा गंगसर साहिब और कोटकपूरा के गांव ढीमांवाली की अनाज मंडी में आयोजित की गईं। जैतो के हलका इंचार्ज सूबा सिंह बादल और कोटकपूरा के पूर्व विधायक मनतार सिंह बराड़ के नेतृत्व में हुई इन रैलियों में बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। रैलियों में बड़ी संख्या में महिलाओं ने पहुंचकर पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया। “4 महीने में नशा खत्म करने का दावा करने वाली AAP सरकार पूरी तरह विफल” जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद हरसिमरत कौर बादल ने आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस दोनों पर तीखे राजनीतिक हमले बोले। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले 4 महीने के भीतर नशा खत्म करने की गारंटी देने वाली आम आदमी पार्टी के कार्यकाल में नशे की समस्या और भी भयावह हो गई है। आज स्थिति यह है कि राज्य में नौजवान ही नहीं, बल्कि लड़कियां भी नशे के दलदल में धंसती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले कांग्रेस सरकार के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने श्री गुटका साहिब की झूठी कसम खाकर लोगों को गुमराह किया था, और बाद में ‘आप’ ने भी वही रास्ता अपनाया। हरसिमरत कौर ने कहा कि नशे की समस्या को केवल खोखली घोषणाओं से खत्म नहीं किया जा सकता, इसके लिए नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने की सख्त और ठोस इच्छाशक्ति की जरूरत है। “अकाली दल की सरकार बनने पर उठाएंगे कठोर कदम” सांसद हरसिमरत कौर ने जनता से वादा किया कि पंजाब में शिरोमणि अकाली दल की सरकार बनने पर राज्य को नशामुक्त करने के लिए बड़े और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से अपील की कि वे अपने बच्चों को नशे के दैत्य से बचाने और इस सामाजिक बुराई के खिलाफ घर-घर जागरूकता फैलाने के लिए आगे आएं। रैलियों में महिलाओं की भारी उपस्थिति को अकाली दल ने नशे के खिलाफ एक बड़े सामाजिक आंदोलन के रूप में रेखांकित किया।