पंजाब के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग द्वारा पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री स्व. बूटा सिंह के संबंध में दिए गए बयान और उसके बाद सार्वजनिक माफी मांगते समय की गई एक और टिप्पणी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। वड़िंग ने अपने बयान में पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह को “पाठी” कहते हुए साइकिल पर चलने से जुड़ी टिप्पणी कर दी, जिस पर पूर्व राष्ट्रपति स्व: ज्ञानी जैल सिंह जी के पारिवारिक सदस्य एवं पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राजा वड़िंग ने किया सिख धर्म और परंपरा का अपमान इस मामले में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि राजा वड़िंग की यह टिप्पणी सिर्फ राजनीतिक तौर पर अनुचित नहीं, बल्कि सिख मर्यादा और परंपरा का भी अपमान है। संधवां ने कहा कि सिख पंथ में “पाठी सिंह” का रुतबा बहुत ऊंचा माना जाता है। पाठी वह होता है जो गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ करता है और उसे पूरी मर्यादा से निभाता है। सिख रीति-रिवाजों में पाठी सिंह को गुरु का वजीर कहा गया है और इस धार्मिक दर्जे की तुलना किसी भी सांसारिक या राजनीतिक पद से नहीं की जा सकती। स्पीकर ने कहा कि जिस तरह से राजा वड़िंग ने इस पवित्र पद को हल्के शब्दों में लिया, वह पूरे सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने मांग की कि राजा वड़िंग को इस टिप्पणी के लिए सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि समूचे सिख समाज से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि वह जिस समय ज्ञानी जी के पास साइकिल होने की बात कर रहे है,उस समय साइकिल भी वाहेगुरु की कृपा वाले के पास ही होती थी।
