फरीदकोट की मुख्य अनाज मंडी में आढ़ती एसोसिएशन पंजाब के आह्वान पर आढ़तियों ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी, जिससे गेहूं की खरीद प्रभावित होने की आशंका खड़ी हो गई है। राज्य सरकार की ओर से बुधवार से ही गेहूं की सरकारी खरीद शुरू की जानी थी, हालांकि फरीदकोट की अनाज मंडी में अभी तक गेहूं की आवक शुरू नहीं हुई है। इस संबंध में मुख्य अनाज मंडी में मौजूद आढ़तियों ने जानकारी देते हुए बताया कि नियमों के अनुसार आढ़तियों को किसी भी फसल के एमएसपी (MSP) का ढाई प्रतिशत कमीशन मिलना चाहिए। प्राइवेट तौर पर बिकने वाली फसलों पर उन्हें यह कमीशन मिल भी जाता है, लेकिन गेंहूं व धान की सरकारी खरीद में उन्हें यह लाभ नहीं दिया जा रहा। उन्होंने बताया कि धान की तरह गेहूं की फसल पर अब तक उन्हें करीब 45.88 रुपए प्रति क्विंटल कमीशन मिल रहा था, जिसे हाल ही में केंद्र सरकार ने बढ़ाकर 50.75 रुपए कर दिया है। जबकि गेहूं की एमएसपी के हिसाब से उन्हें करीब 65 रुपए प्रति क्विंटल कमीशन मिलना चाहिए। अब वह सिर्फ भरोसे पर हड़ताल वापस नहीं लेंगे : आढ़ती इस मुद्दे पर बातचीत करते हुए आढ़ती संगठन के वरिष्ठ सदस्य रघुवीर सिंह भुल्लर, मनोज कुमार और महेंद्र बंसल ने बताया कि उनकी यह मांग 2018 से लंबित है। राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार ने वादा किया था कि यदि केंद्र सरकार सरकारी खरीद पर ढाई प्रतिशत कमीशन नहीं देती, तो पंजाब सरकार इसकी भरपाई करेगी, लेकिन अब तक यह वादा पूरा नहीं किया गया। हर बार भरोसा देकर मुद्दे को ठंडे बस्ते में दाल दिया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि भले ही राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर आढ़ती एसोसिएशन पंजाब की बैठक बुलाई है, लेकिन अब वह सिर्फ भरोसे पर हड़ताल वापस नहीं लेंगे। उनका फैसला है कि जब तक ढाई प्रतिशत कमीशन को लेकर आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं होता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
